UP News: संत शिरोमणि गुरु रविदास जी महाराज की 650वीं पावन जयंती के अवसर पर उत्तर प्रदेश में ‘समरसता संकल्प अभियान’ चलाया जा रहा है. अभियान के तहत भाजपा सरकार के मंत्री, जनप्रतिनिधि और पार्टी पदाधिकारी अलग-अलग जगहों पर आयोजित कलश वंदन यात्राओं में शामिल हुए.
कलश वंदन यात्रा के जरिए दिया समरसता का संदेश
अभियान के दौरान प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में कलश वंदन यात्राएं निकाली गईं. इनमें भाजपा सरकार के मंत्रियों, जनप्रतिनिधियों और पार्टी पदाधिकारियों ने हिस्सा लिया. इस अभियान के जरिए सामाजिक समरसता और संत रविदास जी के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने का संदेश दिया जा रहा है.
महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने पर जोर
भाजपा सरकार के मुताबिक, महिलाओं का सम्मान, सशक्तिकरण और उन्हें आत्मनिर्भर बनाना उसकी प्राथमिकताओं में शामिल है. इसी दिशा में प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (PMMVY) के जरिए गर्भवती और धात्री महिलाओं को आर्थिक सहायता दी जा रही है. सरकार का कहना है कि योजना का उद्देश्य माताओं को आर्थिक संबल देना और उनके मातृत्व को सुरक्षित एवं सम्मानजनक बनाने में मदद करना है.
यूपी में 4.06 लाख से ज्यादा महिलाओं का पंजीकरण
प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत उत्तर प्रदेश में अब तक 4.06 लाख से अधिक महिलाओं का सफलतापूर्वक पंजीकरण किया जा चुका है. योजना के तहत पात्र महिलाओं को संतान के आधार पर आर्थिक सहायता दी जाती है.
पहली संतान पर ₹5 हजार की मदद
पहली संतान के जन्म पर पात्र महिला को ₹5,000 की वित्तीय सहायता दी जाती है. इसका उद्देश्य गर्भावस्था और बच्चे के जन्म से जुड़ी जरूरतों में परिवार को आर्थिक सहारा देना है.
दूसरी संतान बेटी हुई तो ₹6 हजार
वहीं, दूसरी संतान के रूप में बालिका के जन्म पर ₹6,000 की सहायता देने का प्रावधान है. इससे बेटियों के जन्म को प्रोत्साहित करने और माताओं को आर्थिक सहयोग देने पर जोर दिया जा रहा है.
अब तक ₹86.55 करोड़ से ज्यादा की मदद
योजना के तहत उत्तर प्रदेश में अब तक लाभार्थी महिलाओं को ₹86.55 करोड़ से अधिक की आर्थिक सहायता सीधे दी जा चुकी है. सरकार के अनुसार, यह राशि पात्र महिलाओं तक पहुंचाकर उन्हें मातृत्व के दौरान आर्थिक मजबूती देने का प्रयास किया जा रहा है. इस तरह एक तरफ गुरु रविदास जी की जयंती के अवसर पर ‘समरसता संकल्प अभियान’ के जरिए सामाजिक समरसता का संदेश दिया जा रहा है, तो दूसरी तरफ मातृ वंदना योजना के जरिए महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने पर जोर है.
