UP News: उत्तर प्रदेश के लोगों को अब सरकारी और डिजिटल सेवाओं के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा. योगी सरकार ने जन सेवा केंद्र (CSC) 4.0 परियोजना को मंजूरी दे दी है. नई व्यवस्था के तहत ग्रामीण इलाकों की हर ग्राम पंचायत में कम से कम दो जन सेवा केंद्र खोले जाएंगे. वहीं शहरी क्षेत्रों में हर 10 हजार की आबादी पर एक केंद्र स्थापित किया जाएगा. मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में जन सेवा केंद्र 4.0 के क्रियान्वयन और संचालन से जुड़े प्रस्ताव को मंजूरी दी गई. सरकार का उद्देश्य लोगों को उनके घर के आसपास पारदर्शी, सुरक्षित और समयबद्ध तरीके से डिजिटल सेवाएं उपलब्ध कराना है.
हर जिले में चुने जाएंगे दो सेवा प्रदाता
नई व्यवस्था के तहत प्रदेश के हर जिले में दो जिला सेवा प्रदाता (DSP) चुने जाएंगे. इनका चयन खुली और प्रतिस्पर्धात्मक ई-निविदा के जरिए किया जाएगा. चयनित सेवा प्रदाताओं की जिम्मेदारी जिले में जन सेवा केंद्रों का नेटवर्क तैयार करने और डिजिटल सेवाओं को बेहतर तरीके से संचालित करने की होगी.
गांवों में हर ग्राम पंचायत पर कम से कम 2 केंद्र
CSC 4.0 के तहत ग्रामीण क्षेत्र में हर ग्राम पंचायत में न्यूनतम दो जन सेवा केंद्र स्थापित किए जाएंगे. वहीं शहरों में आबादी के हिसाब से केंद्र खोले जाएंगे. यहां हर 10 हजार की आबादी पर एक जन सेवा केंद्र स्थापित करने की व्यवस्था होगी. इसके अलावा प्रत्येक ग्राम सचिवालय में पंचायत सहायक के जरिए संचालित होने वाला जन सेवा केंद्र भी स्थापित किया जाएगा.
अभी 54 विभागों की 359 सेवाएं मिल रही हैं
फिलहाल जन सेवा केंद्रों के जरिए 54 विभागों की 359 सरकारी सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध कराई जा रही हैं. नई परियोजना के लागू होने के बाद इन सेवाओं की व्यवस्था को और प्रभावी, जवाबदेह और बेहतर बनाने पर जोर रहेगा. सरकार का कहना है कि इसका सीधा फायदा आम लोगों को मिलेगा और उन्हें अलग-अलग सरकारी सेवाओं के लिए बार-बार कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे.
PPP मॉडल पर चलेगी परियोजना
जन सेवा केंद्र 4.0 परियोजना को पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल पर संचालित किया जाएगा. चयनित जिला सेवा प्रदाता जिला ई-गवर्नेंस सोसाइटी (DEGS) के साथ मास्टर सर्विस एग्रीमेंट करेंगे. परियोजना के बेहतर संचालन के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (SOP), जुर्माने और अन्य जरूरी नियम भी तय किए जाएंगे.
तीन साल की होगी परियोजना अवधि
CSC 4.0 परियोजना की शुरुआती अवधि तीन साल रखी गई है. जिला ई-गवर्नेंस सोसाइटी और जिला सेवा प्रदाता की सहमति होने पर इसे अधिकतम दो साल तक और बढ़ाया जा सकेगा. साथ ही, पहले से संचालित जन सेवा केंद्रों की सेवाएं बंद नहीं होंगी. सरकार ने मौजूदा केंद्रों की सेवाएं जारी रखने की व्यवस्था भी सुनिश्चित की है.
शिकायत के लिए बनेगा अलग पोर्टल
परियोजना की निगरानी दो स्तरों पर की जाएगी. राज्य स्तर पर सेंटर फॉर ई-गवर्नेंस सोसाइटी और जिला स्तर पर ई-गवर्नेंस सोसाइटी इसकी निगरानी करेगी. लोगों की शिकायतों के निस्तारण के लिए अलग पोर्टल विकसित किया जाएगा. इसके अलावा प्रत्येक जिला सेवा प्रदाता जिला स्तर पर हेल्प डेस्क भी बनाएगा, ताकि लोगों को सेवाओं से जुड़ी परेशानी का समाधान मिल सके.
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