UP Flood: उत्तर प्रदेश में बाढ़ का असर अब खेतों से निकलकर सीधे रसोई के बजट पर पड़ने का खतरा बढ़ गया है. गंगा, यमुना समेत कई नदियों के उफान और बाढ़ के कारण निचले इलाकों में सब्जियों की खेती प्रभावित हुई है. खेतों में पानी भरने से तैयार फसल खराब होने का खतरा है, वहीं कई जगहों से मंडियों तक सब्जियों की नियमित आवक भी प्रभावित हो रही है. सबसे ज्यादा चिंता हरी मिर्च, भिंडी, लौकी, बैंगन, तोरई और दूसरी हरी सब्जियों को लेकर है. ये फसलें ज्यादा दिनों तक पानी में रहने पर खराब हो सकती हैं. ऐसे में यदि बाढ़ का असर लंबे समय तक बना रहा तो स्थानीय उत्पादन और मंडियों में आवक दोनों पर दबाव पड़ सकता है.
खेतों में पानी, किसान परेशान
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में खेतों में पानी भरने से सब्जियों की खड़ी फसल को नुकसान पहुंच रहा है. जिन किसानों ने सब्जियों की फसल तैयार की थी, उनके सामने अब दोहरी परेशानी है. एक तरफ तैयार फसल खराब होने का डर है तो दूसरी तरफ खेत से मंडी तक उपज पहुंचाना भी चुनौती बन गया है. उत्तर प्रदेश के कई जिलों में बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है. हालिया आंकड़ों के अनुसार पांच जिलों में 11,358 हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र जलमग्न हुआ है. बलिया, गाजीपुर, मऊ, देवरिया और गोरखपुर जैसे जिलों में भी बाढ़ का असर दर्ज किया गया है.
आवक कम हुई तो बढ़ेंगे दाम
सब्जियों के दाम मांग और आपूर्ति पर काफी निर्भर करते हैं. बाढ़ से यदि स्थानीय खेतों से आवक घटती है और दूसरे क्षेत्रों से आने वाली सब्जियों की ढुलाई भी प्रभावित होती है, तो मंडियों में आपूर्ति कम हो सकती है. ऐसी स्थिति में कीमतों पर ऊपर की ओर दबाव बनना स्वाभाविक है. हाल की मंडी कीमतों में भी कुछ सब्जियों में बढ़ोतरी दिखाई दे रही है. उपलब्ध यूपी मंडी आंकड़ों में हरी मिर्च करीब ₹52 प्रति किलो, भिंडी ₹33 और लौकी ₹26 प्रति किलो के आसपास दर्ज हुई है, हालांकि अलग-अलग मंडियों में कीमतों में काफी अंतर हो सकता है.
पहले भी बाढ़ ने बढ़ाई है सब्जियों की कीमत
बाढ़ और बारिश के कारण सब्जियों की कीमत बढ़ने का असर पहले भी सामने आता रहा है. वर्ष 2025 में बरेली में बाढ़ और बारिश के बाद सब्जियों की आवक प्रभावित होने से कई सब्जियों के थोक दाम जुलाई की तुलना में काफी बढ़ गए थे. रिपोर्ट में लौकी, भिंडी और हरी मिर्च जैसी सब्जियों के दाम में तेज उछाल दर्ज किया गया था.
रसोई का बजट बिगड़ने की आशंका
अगर बाढ़ के कारण सब्जियों की आवक लगातार प्रभावित रहती है तो इसका सीधा असर आम परिवारों की रसोई पर पड़ सकता है. खासकर रोजाना इस्तेमाल होने वाली हरी सब्जियों के दाम बढ़ने से महीने का घरेलू बजट बिगड़ सकता है. हालांकि अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि सभी सब्जियों के दाम कितने बढ़ेंगे. कीमतों का वास्तविक रुख आने वाले दिनों में बाढ़ की स्थिति, खेतों में नुकसान, मंडियों में आवक और बाहर से होने वाली सप्लाई पर निर्भर करेगा.
