UP Government School: उत्तर प्रदेश के देवरिया में सरकारी स्कूल की बदहाल स्थिति का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर साझा करने के मामले में रजत सिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है. मामला प्राथमिक विद्यालय डमरभिस्वा से जुड़ा है. बीईओ विनयशील मिश्रा की तहरीर पर पुलिस ने यह कार्रवाई की है. शिकायत के मुताबिक 16 अगस्त को स्कूल में अवकाश था और ताला बंद था. आरोप है कि रजत सिंह बिना अनुमति स्कूल परिसर में दाखिल हुए और वहां पड़े मलबे का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर प्रसारित किया. शिक्षा विभाग ने इसे विद्यालय और विभाग की छवि धूमिल करने तथा भ्रामक प्रचार करने का प्रयास बताया है.
मलबे को लेकर शिक्षा विभाग ने दी सफाई
शिक्षा विभाग का कहना है कि वीडियो में दिखाई दे रहा मलबा किसी सक्रिय स्कूल भवन की बदहाली का हिस्सा नहीं था. बीईओ की शिकायत के अनुसार विद्यालय परिसर में पहले से निष्प्रयोज्य घोषित भवन का नियमानुसार नीलामी के बाद ध्वस्तीकरण कराया गया था. ध्वस्तीकरण के बाद बचा कुछ मलबा परिसर के एक कोने में पड़ा था, जिसे हटाने की कार्रवाई चल रही थी और अब उसे पूरी तरह हटा दिया गया है. विभाग ने यह भी बताया कि प्राथमिक विद्यालय डमरभिस्वा कायाकल्प योजना के तहत संतृप्त है. मामले में पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.
स्कूलों के वीडियो पर योगी सरकार का सख्त रुख
रजत सिंह के खिलाफ यह कार्रवाई ऐसे समय हुई है, जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सरकारी स्कूलों और कॉलेजों को लेकर सोशल मीडिया पर प्रसारित होने वाली गलत या भ्रामक सूचनाओं पर सख्ती के निर्देश दिए हैं. मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को ऐसी शिकायतों की स्थलीय जांच कराने और गलत जानकारी फैलाकर माहौल खराब करने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने को कहा है. वहीं, सरकार ने स्कूलों में मिड-डे मील, शौचालय, कक्षाओं और अन्य सुविधाओं की वास्तविक स्थिति की जांच कराने के निर्देश भी दिए हैं. इस बीच सरकारी स्कूलों की तस्वीर और वीडियो सोशल मीडिया पर साझा करने को लेकर यूपी में बहस तेज हो गई है.
