UP में आंगनबाड़ी कर्मियों के साथ हुआ धोखा, शाहजहांपुर में कर्मियों का हंगामा, बोलीं- हमें सिर्फ 1500 रुपये मिले

मुख्यमंत्री की ओर से आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों का मानदेय 12 हजार रुपये किए जाने की घोषणा के बावजूद, शाहजहांपुर में कर्मियों ने प्रदर्शन कर सिर्फ 1500 रुपये की बढ़ोतरी मिलने का आरोप लगाया है. उन्होंने प्रोत्साहन राशि को मानदेय में शामिल करने और काम के बढ़ते बोझ की समीक्षा की मांग की है.

UP Anganwadi Workers News: मुख्यमंत्री की ओर से आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों का मानदेय 12 हजार रुपये किए जाने की घोषणा को लेकर शाहजहांपुर में आंगनबाड़ी कर्मियों ने शुक्रवार को प्रदर्शन किया. खिरनीबाग के रामलीला मैदान में जिले के अलग-अलग क्षेत्रों से पहुंचीं कार्यकत्रियां और सहायिकाएं एकत्र हुईं. इसके बाद सभी कलेक्ट्रेट पहुंचीं और मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट रजनीकांत पांडे को सौंपा. प्रदर्शनकारी कार्यकत्रियों ने आरोप लगाया कि 12 हजार रुपये मानदेय किए जाने की घोषणा के बावजूद उन्हें इसका पूरा लाभ नहीं मिल रहा है.

कार्यकत्रियों ने कहा- सिर्फ 1500 रुपये की बढ़ोतरी

आंगनबाड़ी कर्मियों का कहना है कि सरकार की घोषणा के मुताबिक उन्हें 12 हजार रुपये मिलने की बात कही गई थी, लेकिन वास्तविकता में मानदेय में सिर्फ 1500 रुपये की बढ़ोतरी हुई है. प्रदर्शन में शामिल कर्मियों ने कहा कि बाकी राशि को प्रोत्साहन राशि के रूप में देने की बात कही गई है. उनका कहना है कि पहले भी प्रोत्साहन राशि देने की घोषणा हुई थी, लेकिन वह राशि अब तक उन्हें नहीं मिल सकी है. ऐसे में नई घोषणा को लेकर भी कर्मियों में असमंजस और नाराजगी है.

500 पीएलआई को मानदेय में शामिल करने की मांग

प्रदर्शनकारी आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों ने कहा कि उन्हें प्रोत्साहन राशि के नाम पर भुगतान करने के बजाय पहले से दी जा रही 500 रुपये की पीएलआई राशि को उनके मानदेय में शामिल किया जाए. कार्यकत्रियों ने इसे अपनी प्रमुख मांग बताते हुए कहा कि इससे मानदेय में वास्तविक बढ़ोतरी होगी और भुगतान को लेकर बनी असमंजस की स्थिति भी दूर होगी. उन्होंने सरकार से मानदेय की राशि और भुगतान व्यवस्था को स्पष्ट करने की मांग की.

बढ़ते काम के बोझ का भी उठाया मुद्दा

आंगनबाड़ी कर्मियों ने कहा कि विभागीय काम के साथ उन्हें लगातार अतिरिक्त जिम्मेदारियां भी दी जा रही हैं. काम का बोझ बढ़ने के बावजूद मानदेय में अपेक्षित वृद्धि नहीं हुई है. उन्होंने अतिरिक्त जिम्मेदारियों की समीक्षा करने, मानदेय में सम्मानजनक बढ़ोतरी करने और आंगनबाड़ी कर्मियों को नियमित कर्मचारी का दर्जा देने की मांग भी उठाई. कार्यकत्रियों ने चेतावनी दी कि मांगों पर जल्द ठोस निर्णय नहीं हुआ तो संगठन आगे आंदोलन करेगा. -पवन तोमर की रिपोर्ट

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लेखक के बारे में

By राधेश्याम कुशवाहा

राधेश्याम कुशवाहा को पत्रकारिता की क्षेत्र में 13 साल का अनुभव है. इस सफर की शुरुआत उन्होंने राज एक्सप्रेस न्यूज पेपर भोपाल से की. यहां से आगे बढ़ते हुए समय जगत, राजस्थान पत्रिका, हिंदुस्तान न्यूज पेपर के बाद वर्तमान में प्रभात खबर के डिजिटल विभाग में यूपी डेस्क का नेतृत्व कर रहे हैं. इन्हें धर्म-अध्यात्म, ज्योतिष, राजनीति, अपराध और सकारात्मक खबरों की रिपोर्टिंग व लेखन में विशेष रुचि रखते हैं.

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