यूपी के साढ़े 3 लाख रसोइयों की खुलेगी किस्मत? मानदेय बढ़ने की तैयारी, शिक्षकों को भी मिलेंगे ₹134 करोड़

UP News: उत्तर प्रदेश के 3.53 लाख परिषदीय स्कूल रसोइयों के लिए अच्छी खबर है. उनके मानदेय में करीब ₹1000 तक की बढ़ोतरी की तैयारी चल रही है. साथ ही, शिक्षकों और कर्मचारियों के रोके गए बीमा प्रीमियम के ₹134 करोड़ भी वापस होंगे.

UP News: उत्तर प्रदेश के परिषदीय स्कूलों में बच्चों के लिए रोजाना खाना तैयार करने वाले 3.53 लाख रसोइयों के लिए अच्छी खबर सामने आ रही है. लंबे समय से मानदेय बढ़ाने की मांग कर रहे रसोइयों को अब सरकार से राहत मिलने की उम्मीद है. बताया जा रहा है कि मानदेय में करीब 1,000 रुपये तक की बढ़ोतरी की तैयारी चल रही है. मिड डे मील प्राधिकरण ने इस संबंध में प्रस्ताव भी तैयार कर लिया है.

3.53 लाख रसोइयों को बढ़े मानदेय का इंतजार

उत्तर प्रदेश के प्राथमिक और उच्च प्राथमिक परिषदीय स्कूलों में काम करने वाले रसोइयों को अभी 2,000 रुपये मासिक मानदेय मिलता है. शिक्षामित्रों और अनुदेशकों के मानदेय में बढ़ोतरी के बाद रसोइये भी अपने मानदेय में इजाफे की उम्मीद लगाए हुए हैं. सरकार की ओर से अगर प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है तो करीब 3.53 लाख रसोइयों को इसका सीधा फायदा मिलेगा.

2027 से पहले बढ़ सकता है मानदेय

राज्य में वर्ष 2027 में विधानसभा चुनाव होने हैं. ऐसे में चुनाव से पहले सरकार की ओर से रसोइयों के मानदेय में बढ़ोतरी किए जाने की संभावना जताई जा रही है. मिड डे मील प्राधिकरण ने मानदेय बढ़ाने का प्रस्ताव तैयार कर लिया है. अब उच्च स्तरीय बैठक में इस प्रस्ताव पर मुहर लगने के बाद बढ़ोतरी की घोषणा की जाएगी.

पहले 1000 रुपये था मानदेय, अब मिल रहे 2000

रसोइयों के मानदेय में पिछले वर्षों में कई बार बढ़ोतरी हुई है. पहले उन्हें 1,000 रुपये प्रति माह मिलते थे. वर्ष 2019 में इसे बढ़ाकर 1,500 रुपये किया गया. इसके बाद वर्ष 2022 में मासिक मानदेय बढ़ाकर 2,000 रुपये कर दिया गया. केंद्र सरकार की ओर से इसमें 600 रुपये का अंश दिया जाता है, जबकि राज्य सरकार अपने हिस्से में लगातार बढ़ोतरी करती रही है.

यूनिफॉर्म और ग्लव्स के लिए भी मिलती है राशि

रसोइयों को 2,000 रुपये मासिक मानदेय के अलावा 500 रुपये यूनिफॉर्म और 400 रुपये ग्लव्स के लिए भी दिए जाते हैं. अब रसोइयों को उम्मीद है कि सरकार शिक्षामित्रों और अनुदेशकों की तरह उनके मानदेय में भी बढ़ोतरी का फैसला करेगी.

1.46 करोड़ बच्चों के लिए तैयार होता है मिड डे मील

उत्तर प्रदेश में करीब 1.41 लाख परिषदीय स्कूल हैं, जहां लगभग 1.46 करोड़ छात्रों को मिड डे मील दिया जाता है. इन स्कूलों में बच्चों के लिए भोजन तैयार करने की जिम्मेदारी रसोइयों की होती है. मानदेय बढ़ने की स्थिति में प्रदेशभर के लाखों परिवारों को इसका लाभ मिलने की उम्मीद है.

शिक्षकों और कर्मचारियों को भी बड़ी राहत, वापस होगा बीमा प्रीमियम

रसोइयों के साथ ही परिषदीय प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्कूलों के शिक्षकों और कर्मचारियों के लिए भी राहत की खबर है. सरकार ने सामूहिक बीमा योजना के तहत वेतन से काटे गए प्रीमियम की रकम वापस करने का फैसला किया है. इसके लिए 134 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि जारी भी कर दी गई है. यह रकम एरियर के तौर पर संबंधित शिक्षकों और कर्मचारियों के बैंक खातों में भेजी जाएगी.

2014 से 2022 तक काटा गया था प्रीमियम

परिषदीय स्कूलों के शिक्षकों और कर्मचारियों के वेतन से 31 मार्च 2014 से 1 सितंबर 2022 तक सामूहिक बीमा योजना के नाम पर प्रीमियम काटा गया था. दरअसल, इस अवधि में एलआईसी की सामूहिक बीमा योजना बंद हो चुकी थी. इसके बावजूद विभाग की ओर से शिक्षकों और कर्मचारियों के वेतन से हर महीने 87 रुपये का बीमा प्रीमियम काटा जाता रहा.

बैंक खातों में सीधे भेजी जाएगी रकम

अपर मुख्य सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा की ओर से इस संबंध में आदेश जारी कर दिया गया है. अधिकारियों और बेसिक शिक्षा अधिकारियों (बीईओ) को भी जरूरी निर्देश दिए गए हैं. अब 134 करोड़ रुपये से अधिक की यह राशि एरियर के रूप में संबंधित शिक्षकों और कर्मचारियों के बैंक खातों में सीधे भेजी जाएगी.

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By लक्की कुमारी

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