Up News राजधानी लखनऊ के मलिहाबाद स्थित कसमंडी कलां गांव में सावन के पहले सोमवार को अचानक भारी तनाव व्याप्त हो गया. लाखन आर्मी के राष्ट्रीय अध्यक्ष सूरज पासी के नेतृत्व में दर्जनों कार्यकर्ता गांव के ऐतिहासिक विवादित ढांचे की ओर बढ़ गए. संगठन के सदस्य पवित्र 108 गांवों की मिट्टी तथा नदियों का जल अर्पित कर वहाँ जलाभिषेक करने की जिद पर अड़े हैं. इस घटनाक्रम के बाद इलाके में सुरक्षा व्यवस्था बेहद संवेदनशील हो गई है.
पासी समाज और मुस्लिम पक्ष का आमना-सामना
विवादित स्थल को लेकर दो पक्षों के बीच लंबे समय से खींचतान जारी है. पासी समाज का दावा है कि यह ढांचा महाराजा कंसा पासी का प्राचीन किला और धार्मिक स्थल है, जिसे अवैध रूप से तब्दील किया गया. वहीं दूसरी ओर मुस्लिम समुदाय इसे इबादतगाह और पुरानी मज़ार बताता आ रहा है. कार्यकर्ताओं के अड़ने के बाद दोनों पक्षों के आमने-सामने आने की आशंका से गांव का माहौल बेहद गर्म हो गया.
पुलिस बल की मुस्तैदी और बैरिकेडिंग से घेराबंदी
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस और प्रशासन की टीम तुरंत मौके पर तैनात कर दी गई. अधिकारियों ने विवादित ढांचे के चारों तरफ कड़ी बैरिकेडिंग लगाकर रास्ते पूरी तरह से सील कर दिए हैं. पुलिस प्रशासन ने शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए किसी भी व्यक्ति को ढांचे के समीप जाने और धार्मिक कार्य करने से रोक दिया है. पूरे इलाके में अतिरिक्त पीएसी बल तैनात कर लगातार गश्त की जा रही है.
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