UP News: प्रयागराज में उत्तर प्रदेश बार काउंसिल ने फर्जी प्रमाणपत्रों के सहारे कानून का अभ्यास कर रहे फर्जी अधिवक्ताओं के विरुद्ध सख्त रुख अपनाया है. इलाहाबाद उच्च न्यायालय की सख्त टिप्पणी और स्पष्ट निर्देशों के उपरांत प्रशासन ने व्यापक छानबीन शुरू की. दस्तावेजों की गहन जांच-पड़ताल में बड़ी संख्या में संदिग्ध डिग्रियां उजागर हुईं, जिसके बाद काउंसिल ने धोखेबाजों को चिन्हित कर सीधे आपराधिक मुकदमे कायम कराने की बड़ी कार्रवाई को अंजाम देना शुरू कर दिया है.
कानूनी प्रक्रिया हुई तेज, सौ अधिवक्ताओं के खिलाफ दर्ज हुए अलग केस
बार काउंसिल सचिव आर.के. शुक्ला की आधिकारिक शिकायत पर प्रयागराज स्थित सिविल लाइंस थाने में धोखाधड़ी करने वाले अधिवक्ताओं पर आपराधिक धाराएं लगाई गई हैं. इस विशेष पड़ताल के दौरान चिन्हित किए गए लगभग 100 फर्जी वकीलों पर अलग-अलग 100 प्राथमिकी दर्ज की जा चुकी हैं. पुलिस तंत्र अब प्रत्येक संदिग्ध मामले में अलग केस डायरी बनाकर जांच को आगे बढ़ाने और आगे की कार्रवाई तय करने में तेजी से जुटा हुआ है.
अदालत का कड़ा संदेश, जारी रहेगी संदिग्ध प्रमाणपत्रों की सघन जांच
इलाहाबाद हाईकोर्ट के कड़े निर्देश का मुख्य लक्ष्य न्यायिक व्यवस्था में पारदर्शिता लाना और वकालत की साख को बचाना है. जांच अधिकारियों ने संबंधित शिक्षण संस्थानों एवं विश्वविद्यालयों से मूल दस्तावेजों का सत्यापन कराना शुरू कर दिया है. बार काउंसिल का स्पष्ट बयान है कि यह अभियान आगे भी अनवरत चलेगा और बाकी बचे संदिग्ध मामलों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी. इस बड़ी कार्रवाई से फर्जी वकीलों में भारी खलबली मच गई है.
