UP Crime: गाजीपुर से समाजवादी पार्टी के सांसद अफजाल अंसारी की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं. शस्त्र लाइसेंस से जुड़े मामले में उनके खिलाफ दूसरी प्राथमिकी दर्ज की गई है. पुलिस ने इस बार सरकारी अभिलेख गायब कराने और हथियार के कथित दुरुपयोग से जुड़े आरोपों को लेकर कार्रवाई की है.
दूसरी एफआईआर से बढ़ीं मुश्किलें
पुलिस के अनुसार, जांच के दौरान शस्त्र लाइसेंस से संबंधित महत्वपूर्ण सरकारी पत्रावलियां अभिलेखागार से गायब मिलीं. इसके अलावा संबंधित हथियार के उपयोग और उसके रिकॉर्ड को लेकर भी गंभीर सवाल सामने आए हैं. इन्हीं तथ्यों के आधार पर अफजाल अंसारी समेत अन्य नामजद आरोपियों के खिलाफ दूसरी एफआईआर दर्ज की गई है.
सरकारी फाइलें गायब करने का आरोप
जांच एजेंसियों का कहना है कि शस्त्र लाइसेंस और हथियार की खरीद-बिक्री से जुड़ी सरकारी पत्रावलियां रिकॉर्ड रूम से गायब पाई गईं. मामले में तत्कालीन शस्त्र लिपिकों की भूमिका भी जांच के दायरे में है. पुलिस का कहना है कि पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच जारी है.
आईएस-191 गिरोह की जांच से जुड़ा मामला
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, यह कार्रवाई आईएस-191 (मुख्तार अंसारी गिरोह) से जुड़े लोगों और उनके नाम पर जारी शस्त्र लाइसेंसों की जांच के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर की गई है. जांच में कई दस्तावेजों के गायब होने और रिकॉर्ड में अनियमितताओं की बात सामने आने का दावा किया गया है.
जांच जारी, आगे हो सकती है कार्रवाई
पुलिस का कहना है कि मामले में जुटाए जा रहे साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी. फिलहाल पूरे प्रकरण की जांच जारी है और अन्य संबंधित लोगों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है. इस मामले में आरोप लगाए गए हैं; दोष या निर्दोष होने का अंतिम निर्णय न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगा.
यह भी पढ़ें: हेलमेट का 6 हजार का चालान पड़ा भारी! लाइनमैन ने काट दी थाने और पुलिस चौकियों की बिजली, मच गया हड़कंप
