Ayodhya Ram Mandir: अयोध्या के राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में जांच लगातार आगे बढ़ रही है. बुधवार को पुलिस ने इस मामले के तीन आरोपियों को पूछताछ के लिए बाहर ले गयी. पुलिस ने आरोपी लवकुश मिश्रा, अनुकल्प मिश्रा और करुणेश पांडेय को 40 घंटे की रिमांड पर लिया. सुबह करीब साढ़े 7 बजे पुलिस टीम फैजाबाद जेल पहुंची और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद तीनों आरोपियों को पुलिस लाइन ले गई. विशेष जांच दल (SIT) की रिपोर्ट के मुताबिक, सीसीटीवी फुटेज में तीनों आरोपी चढ़ावे के नोट अपनी जेब में रखते हुए दिखाई दिए थे. अब रिमांड के दौरान पुलिस उनसे पूछताछ कर पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने की कोशिश करेगी.
बड़े आयोजनों के खर्च की भी जांच कर रही SIT
राम मंदिर चढ़ावा चोरी की जांच के साथ-साथ SIT ने अब श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के बड़े धार्मिक आयोजनों पर हुए खर्च की भी पड़ताल शुरू कर दी है. जांच टीम 22 जनवरी 2024 को आयोजित रामलला के प्राण-प्रतिष्ठा समारोह और 25 नवंबर 2025 को हुए ध्वजारोहण कार्यक्रम से जुड़े बिल, वाउचर और अन्य दस्तावेजों की जांच कर रही है. उपलब्ध रिकॉर्ड के अनुसार, प्राण-प्रतिष्ठा समारोह पर करीब 113 करोड़ रुपये खर्च हुए थे, जिसमें लगभग 8 हजार अतिथि शामिल हुए थे. वहीं ध्वजारोहण कार्यक्रम पर 10.12 करोड़ रुपये खर्च किए गए थे.
इधर, चंपत राय से मिलने पहुंचे गोविंद देव गिरि
इसी बीच श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरि बुधवार को सुबह पूर्व महासचिव चंपत राय से मिलने पहुंचे. यह मुलाकात राम मंदिर के निकट रामकोट स्थित तीर्थ क्षेत्र पुरम में हुई, जहां चंपत राय इन दिनों एकांतवास कर रहे हैं. ट्रस्ट के पूर्व महासचिव पद छोड़ने के बाद दोनों की यह पहली मुलाकात मानी जा रही है, इससे पहले छह जुलाई को हुई ट्रस्ट की बैठक में भी चंपत राय शामिल नहीं हुए थे.
पत्र जारी कर आरोपों पर तोड़ी थी चुप्पी
चंपत राय ने मंगलवार को एक पत्र जारी कर पहली बार पूरे मामले पर अपनी प्रतिक्रिया दी थी. उन्होंने अपने ऊपर लगाए गए सभी आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि विशेष जांच दल की जांच पूरी होने के बाद वह हर सवाल का विस्तार से जवाब देंगे. उन्होंने यह भी अनुरोध किया कि जांच पूरी होने से पहले किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचा जाए.
एसबीआई और अनिल मिश्रा पर उठाए सवाल
SIT को भेजे गए अपने पत्र में चंपत राय ने चढ़ावे की गणना और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई सवाल उठाए. उन्होंने पूरे मामले के लिए स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) की कार्यप्रणाली और ट्रस्ट के सदस्य रहे अनिल मिश्रा की भूमिका को जिम्मेदार ठहराया. पत्र में उन्होंने मांग की कि उनके बयान को जांच के आधिकारिक रिकॉर्ड का हिस्सा बनाया जाए, ताकि जांच के दौरान सभी तथ्यों पर निष्पक्ष तरीके से विचार किया जा सके.
-कोमल अग्रवाल की रिपोर्ट
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