देश की सबसे तेज ट्रेन को उड़ाने की साजिश! मिनटों में टल गया खून-खराबा

PRAYAGRAJ NEWS: उत्तर मध्य रेलवे के भीरपुर और मेजा स्टेशन के बीच तेजस राजधानी एक्सप्रेस को पटरी से उतारने की साजिश नाकाम रही. अराजकतत्वों ने ट्रैक पर बोल्डर रख दिए थे, लेकिन लोको पायलट की सतर्कता से हादसा टल गया. आरपीएफ ने मुकदमा दर्ज किया है.

PRAYAGRAJ NEWS: उत्तर मध्य रेलवे के अंतर्गत आने वाले बीरपुर और मेजा रोड रेलवे स्टेशन के बीच तेजस राजधानी एक्सप्रेस को पलटाने की एक खौफनाक साजिश को नाकाम कर दिया गया. बीती रात कुछ अराजकतत्वों ने रेलवे ट्रैक पर बड़े-बड़े बोल्डर और गिट्टियां रख दी थीं. अगर ट्रेन समय से गुजरती, तो एक भीषण हादसा हो सकता था। यह वारदात देश की सबसे तेज और वीआईपी ट्रेनों में से एक पर हमला करने की कोशिश मानी जा रही है.

लोको पायलट की सूझबूझ ने टाला बड़ा हादसा

घटना के वक्त राजधानी एक्सप्रेस तेज रफ्तार से उसी ट्रैक पर दौड़ रही थी, लेकिन लोको पायलट की सतर्क निगाहों ने ट्रैक पर कुछ असामान्य देखा. फौरन ट्रेन को बीच रास्ते में बीरपुर और मेजा रोड के बीच रोक दिया गया और अधिकारियों को सूचना दी गई. इस चौंकाने वाली खबर के मिलते ही रेलवे प्रशासन में हड़कंप मच गया.

आरपीएफ और रेलवे अधिकारियों ने किया संयुक्त निरीक्षण

सूचना पाकर छिवकी रेलवे स्टेशन से आरपीएफ की टीम मौके पर पहुंची और गहन जांच शुरू कर दी. साथ ही रेलवे के तमाम वरिष्ठ अधिकारी भी घटनास्थल पर पहुंचे. संयुक्त निरीक्षण के तहत मौके की फोटोग्राफी कराई गई और लोको पायलट के बयान के आधार पर इंसिडेंट रिपोर्ट तैयार की गई.

साजिश का स्थान किलोमीटर संख्या 794/18-16 पर मिला सुराग

रेलवे अधिकारियों ने पुष्टि की कि डाउन ट्रैक पर, किलोमीटर संख्या 794/18-16, जो कि बीरपुर और मेजा स्टेशन के बीच स्थित है, वहां अज्ञात व्यक्तियों ने जानबूझकर बोल्डर और गिट्टियां रखीं, ताकि राजधानी जैसी हाई-स्पीड ट्रेन को दुर्घटनाग्रस्त किया जा सके.

10 मिनट तक रुकी ट्रेन, फिर आगे बढ़ी

घटना की गंभीरता को देखते हुए ट्रेन को करीब 10 मिनट तक रोका गया. जब जांच में यह स्पष्ट हो गया कि आगे का ट्रैक सुरक्षित है, तब ट्रेन को धीरे-धीरे आगे बढ़ाया गया. सौभाग्यवश इस साजिश में रेलवे संपत्ति या यात्रियों को कोई नुकसान नहीं हुआ.

अज्ञात अराजकतत्वों पर मुकदमा दर्ज

इस पूरी घटना को लेकर छिवकी रेलवे स्टेशन पर अज्ञात अराजकतत्वों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है. आरपीएफ मामले की गंभीरता से जांच कर रही है और दोषियों को जल्द पकड़ने का भरोसा जताया गया है.

यह घटना एक बार फिर से यह साबित करती है कि रेलवे ट्रैफिक की सुरक्षा में जरा सी भी चूक जानलेवा साबित हो सकती है. लोको पायलट की मुस्तैदी और प्रशासन की तत्परता ने सैकड़ों लोगों की जान बचा ली.

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By Abhishek Singh

Abhishek Singh is a contributor at Prabhat Khabar.

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