UP News: उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में पार्क की जमीन पर अतिक्रमण का मामला करीब 20 साल बाद सामने आया है. मेयर की ओर से भेजे गए पत्र के माध्यम से इस मामले का खुलासा हुआ है. पटेल नगर आवास योजना में पार्क और खेल के मैदान के लिए जमीन चिन्हित की गई थी, लेकिन बाद में इस जमीन पर अतिक्रमण किए जाने का मामला सामने आया.
आवास योजना में पार्क के लिए थी जमीन
पटेल नगर आवास योजना के लेआउट में पार्क और खेल के मैदान के लिए जमीन निर्धारित की गई थी. लेआउट में इस जमीन को त्रिकोण के आकार में दर्ज किया गया था. योजना तैयार करते समय इसे सार्वजनिक उपयोग के लिए चिन्हित किया गया था.
2006 तक बच्चे करते थे इस्तेमाल
जानकारी के अनुसार, वर्ष 2006 तक बच्चे इस जमीन का इस्तेमाल पार्क और खेल के मैदान के तौर पर करते थे. यानी उस समय तक योजना में चिन्हित जमीन का उपयोग अपने निर्धारित उद्देश्य के लिए हो रहा था. इसके बाद जमीन के इस्तेमाल और स्थिति में बदलाव को लेकर सवाल उठे.
दो दशक बाद मेयर के पत्र से खुलासा
करीब 20 साल बाद मेयर के पत्र के माध्यम से पार्क की जमीन से जुड़े मामले का रहस्योद्घाटन हुआ. पत्र के सामने आने के बाद यह मामला फिर चर्चा में आया है. इसमें आवास योजना के दौरान पार्क के लिए चिन्हित जमीन का भी उल्लेख किया गया है.
अतिक्रमण को लेकर उठे सवाल
मामला सामने आने के बाद सबसे बड़ा सवाल यह है कि पार्क और खेल के मैदान के लिए चिन्हित जमीन पर अतिक्रमण कैसे हुआ. साथ ही, इतने वर्षों तक इस जमीन की स्थिति पर ध्यान क्यों नहीं दिया गया. अब पुराने लेआउट और मौजूदा स्थिति के आधार पर पूरे मामले की पड़ताल की जरूरत है.
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