UP News: प्रयागराज में HIV संक्रमण के आंकड़ों ने स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप मचा दिया है. बीते 7 सालों में मामले इतनी तेजी से बढ़े हैं कि जिले के 5 बड़े ब्लॉकों को 'हाई रिस्क जोन' घोषित करना पड़ा है. महानगरों से लौटे प्रवासियों के जरिए संक्रमण फैलने की आशंका के बीच अब 200 गांवों में बड़े पैमाने पर जांच और रोकथाम का महाअभियान शुरू किया गया है, जहां पहली बार QR कोड के जरिए लोग खुद अपना रिस्क स्टेटस जांच सकेंगे.
पांच ब्लॉकों में बढ़ा संक्रमण का खतरा
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, जिन क्षेत्रों में एचआईवी संक्रमण तेजी से बढ़ता है या इसका खतरा अधिक रहता है, उन्हें हाई रिस्क जोन में रखा जाता है. प्रयागराज के इन पांच ब्लॉकों में इसी आधार पर विशेष निगरानी और जागरूकता अभियान की तैयारी है.
प्रवासियों से संक्रमण बढ़ने की बात
स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, इन इलाकों में प्रवासियों के लौटने से भी संक्रमण बढ़ने की बात सामने आई है. महानगरों में काम करने वाले कुछ लोगों के गांव लौटने के बाद संक्रमण के मामले सामने आने की जानकारी अधिकारियों तक पहुंची. इसके बाद मामले को उच्च स्तर पर रखा गया.
QR कोड स्कैन कर जान सकेंगे HIV रिस्क
अभियान के दौरान NACO के सेल्फ रिस्क असेसमेंट टूल का प्रचार किया जाएगा. लोग QR कोड स्कैन कर अपना HIV रिस्क स्टेटस जान सकेंगे. इसके लिए आशा वर्कर, आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और अन्य सरकारी कर्मचारियों की मदद ली जाएगी.
गांवों से बाजार तक चलेगा अभियान
करीब 200 गांवों के अलावा बाजारों और कस्बों में भी जागरूकता अभियान चलेगा. जिला एड्स नियंत्रण विभाग खुली बैठकें आयोजित करेगा. हाई रिस्क क्षेत्रों में विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती होगी और उनकी निगरानी मजिस्ट्रेट करेंगे. जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा ने स्वास्थ्य विभाग और एड्स नियंत्रण विभाग के अधिकारियों को अभियान को प्रभावी तरीके से चलाने के निर्देश दिए हैं.
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