Prayagraj News: प्रयागराज के मांडा इलाके में खेत की जमीन पर बने शेड में चल रही कथित अवैध ड्रग्स फैक्ट्री का मुंबई क्राइम ब्रांच ने खुलासा किया है. पुलिस के मुताबिक, यहां एमडी (मेथामफेटामाइन) तैयार की जा रही थी. छापेमारी के दौरान 52 किलो 932 ग्राम एमडी के साथ बड़ी मात्रा में रसायन और लैब उपकरण बरामद किए गए. इस मामले में अब तक 21 आरोपियों की गिरफ्तारी की बात सामने आई है. वहीं, कार्रवाई के बाद प्रयागराज की पूरी SOG टीम भंग किए जाने से स्थानीय पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं.
नालासोपारा से शुरू हुई जांच, प्रयागराज तक पहुंचे तार
पुलिस के अनुसार, मामले की शुरुआत 24 जून 2026 को महाराष्ट्र के नालासोपारा से हुई थी. वहां दो आरोपियों को करीब 112 ग्राम एमडी के साथ गिरफ्तार किया गया था. इसके बाद हुई जांच और तकनीकी विश्लेषण में महाराष्ट्र, गुजरात और उत्तर प्रदेश तक फैले कथित ड्रग नेटवर्क की जानकारी सामने आई. इसी जांच के दौरान मुंबई क्राइम ब्रांच को प्रयागराज के मांडा थाना क्षेत्र में एमडी तैयार किए जाने की सूचना मिली.
खेत में किराये पर लिया था शेड, अंदर तैयार हो रही थी एमडी
जांच में सामने आया कि मांडा थाना क्षेत्र के कोसड़ा कला, मेजा इलाके में खेत की जमीन किराये पर लेकर एक शेड बनाया गया था. पुलिस के मुताबिक, इसी शेड के अंदर कथित तौर पर एमडी तैयार की जा रही थी. सूचना मिलने के बाद मुंबई क्राइम ब्रांच की टीम प्रयागराज पहुंची और छापेमारी की. मौके से एमडी के अलावा कई तरह के रसायन और ड्रग्स बनाने में इस्तेमाल होने वाले लैब उपकरण बरामद किए गए. इनमें फ्लास्क, हीटिंग मेंटल, ड्रॉपिंग फनल, थर्मामीटर समेत अन्य सामान शामिल हैं.
अब तक 69 किलो 759 ग्राम एमडी बरामद
पुलिस के मुताबिक, इस पूरे मामले में अब तक 69 किलो 759 ग्राम एमडी बरामद की जा चुकी है. जब्त सामग्री की अनुमानित कीमत करीब 139 करोड़ रुपये बताई गई है. मामले में अब तक 21 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है. इन पर कथित तौर पर ड्रग्स तैयार करने, रसायन और उपकरण उपलब्ध कराने, तस्करी, बिक्री, पैडलिंग और आर्थिक लेन-देन में शामिल होने के आरोप हैं. पुलिस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और संभावित संपर्कों की भी पड़ताल कर रही है.
SOG भंग होने के बाद प्रयागराज पुलिस पर उठे सवाल
मुंबई क्राइम ब्रांच की कार्रवाई के बाद अब प्रयागराज पुलिस की भूमिका को लेकर सवाल उठने लगे हैं. सबसे बड़ा सवाल यह है कि जिले के ग्रामीण इलाके में इतनी बड़ी कथित ड्रग्स फैक्ट्री चलती रही और स्थानीय पुलिस को इसकी जानकारी क्यों नहीं हुई. इसी बीच पुलिस कमिश्नर पीयूष मोर्डिया ने प्रयागराज की पूरी SOG टीम को भंग कर दिया है. इसके बाद पुलिस की इंटेलिजेंस और जवाबदेही को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है. हालांकि, SOG को भंग किए जाने को लेकर अलग से कोई कारण इस खबर में नहीं बताया गया है. मामले में NIA जांच करेगा या नहीं, इसे लेकर भी सवाल उठ रहे हैं.
सपा ने भाजपा सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
इस मामले को लेकर समाजवादी पार्टी ने भी भाजपा सरकार पर निशाना साधा है. सपा ने अपने ट्वीट में प्रयागराज में अवैध ड्रग फैक्ट्री के खुलासे का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि भाजपा सरकार में नशीले पदार्थों का उत्पादन, बिक्री और सेवन बढ़ा है. पार्टी ने युवाओं में बेरोजगारी और निराशा को नशे के बढ़ते चलन से जोड़ते हुए सरकार पर हमला बोला. सपा ने नशीले पदार्थों के उत्पादन और बिक्री में भाजपाइयों की कथित भूमिका का भी आरोप लगाया है. ये सपा की ओर से लगाए गए राजनीतिक आरोप हैं.
