UP News: एक पैर गंवाने के बावजूद पढ़ाई का जुनून नहीं छोड़ने वाली छात्रा रागिनी की कहानी प्रभात खबर में प्रकाशित होने के बाद उसकी जिंदगी में मदद के हाथ पहुंचने लगे हैं. प्रभात खबर की खबर का असर हुआ और जिलाधिकारी ने रागिनी की अपील का संज्ञान लेते हुए अधिकारियों की टीम उसके घर भेजी. चिकित्सक ने रागिनी का परीक्षण किया और प्रशासन की ओर से उसे ट्राई साइकिल उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. इधर, आम आदमी पार्टी (आप) की ओर से रागिनी के परिवार को 25 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी गई है. साथ ही रागिनी को व्हीलचेयर भी उपलब्ध कराई गई है. इससे आर्थिक रूप से कमजोर परिवार को बड़ी राहत मिली है.
खबर के बाद डीएम ने लिया संज्ञान
प्रभात खबर ने रागिनी की उस मुश्किल को सामने रखा था, जिसमें एक पैर नहीं होने के बावजूद वह करीब 400 मीटर दूर स्थित स्कूल तक पहुंचने के लिए संघर्ष कर रही थी. पढ़ाई के प्रति उसके जज्बे और परिवार की आर्थिक परेशानी को लेकर खबर प्रकाशित की गई थी. खबर सामने आने के बाद जिलाधिकारी ने मामले का संज्ञान लिया और संबंधित अधिकारियों को रागिनी के घर भेजकर उसकी स्थिति की जानकारी लेने के निर्देश दिए.
घर पहुंची अधिकारियों की टीम, डॉक्टर ने किया परीक्षण
डीएम के निर्देश पर अधिकारियों की टीम रागिनी के घर पहुंची. टीम ने परिवार से बातचीत कर रागिनी की जरूरतों की जानकारी ली. इस दौरान चिकित्सक ने रागिनी का स्वास्थ्य परीक्षण भी किया. प्रशासन की ओर से रागिनी की पढ़ाई जारी रखने में हर संभव मदद का भरोसा दिया गया है.
आम आदमी पार्टी ने बढ़ाया मदद का हाथ
रागिनी की परेशानी सामने आने के बाद आम आदमी पार्टी की ओर से उसके परिवार को 25 हजार रुपये की आर्थिक मदद दी गई. इसके साथ ही रागिनी के लिए व्हीलचेयर की व्यवस्था भी की गई. परिवार के लिए यह सहायता इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि इलाज और रोजमर्रा की जरूरतों के बीच बेटी की पढ़ाई जारी रखना उनके लिए चुनौती बना हुआ था.
कल तक मिल सकती है ट्राई साइकिल
प्रशासन की ओर से रागिनी को ट्राई साइकिल उपलब्ध कराने की तैयारी की जा रही है. उम्मीद है कि कल तक ट्राई साइकिल उसे मिल जाएगी. ट्राई साइकिल मिलने के बाद रागिनी के लिए घर से स्कूल तक पहुंचना काफी आसान हो जाएगा. अभी तक उसे एक पैर के सहारे स्कूल जाने में काफी परेशानी होती थी.
रागिनी की पढ़ाई नहीं रुकेगी
रागिनी ने मुश्किल परिस्थितियों के बावजूद पढ़ाई जारी रखी है. उसके लिए स्कूल तक पहुंचना सबसे बड़ी चुनौती थी. अब व्हीलचेयर और ट्राई साइकिल मिलने के बाद इस परेशानी को काफी हद तक कम किया जा सकेगा. प्रशासन ने भी रागिनी की पढ़ाई जारी रखने में आवश्यक सहयोग करने का भरोसा दिया है.
कल तक संघर्ष, आज मदद के कई हाथ
रागिनी की कहानी अब एक सकारात्मक बदलाव की ओर बढ़ रही है. कल तक जिस बच्ची के लिए स्कूल तक पहुंचना रोज का संघर्ष था, उसकी परेशानी खबर के माध्यम से सामने आने के बाद प्रशासन ने संज्ञान लिया और आम आदमी पार्टी ने आर्थिक मदद के साथ व्हीलचेयर उपलब्ध कराई. अब सबकी नजर इस बात पर है कि रागिनी को ट्राई साइकिल कब मिलती है और उसकी पढ़ाई को आगे बढ़ाने के लिए प्रशासन की ओर से किस तरह की मदद जारी रहती है.
यह भी पढ़ें: पैर गंवाने का दर्द भी नहीं रोक पाया पढ़ाई का जुनून, 400 मीटर दूर स्कूल के लिए रोज निकलती है बलिया की रागिनी
