UP Politics: सुभासपा अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी और उसके राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला है. आजमगढ़ में सपा बूथ अध्यक्ष राहुल यादव की कथित पिटाई का मामला उठाते हुए राजभर ने आरोप लगाया कि सपा में अब अपने ही जमीनी कार्यकर्ताओं के सम्मान और सुरक्षा की चिंता नहीं रह गई है. राजभर ने सोशल मीडिया पर भोजपुरी में किए गए पोस्ट में दावा किया कि राहुल यादव की कथित पिटाई के पीछे राजनीतिक नाराजगी है. उनका आरोप है कि राहुल यादव ने सपा विधायक नफीस अहमद के बजाय पार्टी के किसी दूसरे नेता का समर्थन किया, जिसके बाद उन्हें कथित तौर पर दिनदहाड़े पीटा गया. राजभर ने कहा कि इस पूरे मामले पर सपा नेतृत्व की चुप्पी कई सवाल खड़े करती है.
‘मुस्लिम प्रेम में सही-गलत भूल गये अखिलेश’
सुभासपा अध्यक्ष ने अखिलेश यादव पर मुस्लिम नेताओं के प्रति कथित पक्षपात का आरोप लगाते हुए कहा कि पार्टी अध्यक्ष को सही और गलत का फर्क नहीं दिखाई दे रहा है. राजभर के मुताबिक, जिस यादव समाज और जमीनी कार्यकर्ताओं को सपा लंबे समय से अपना मजबूत राजनीतिक आधार मानती रही है, आज उन्हीं के साथ कथित तौर पर उपेक्षा का व्यवहार हो रहा है. उन्होंने कहा कि मामला सिर्फ एक बूथ अध्यक्ष की कथित पिटाई तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे पार्टी के अंदर कार्यकर्ताओं के सम्मान और उनकी सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठते हैं. राजभर ने सवाल खड़ा किया कि अगर बूथ स्तर पर पार्टी के जिम्मेदार पदाधिकारी के साथ ऐसा व्यवहार होने का आरोप लग रहा है, तो आम कार्यकर्ताओं की स्थिति क्या होगी?
‘यादव समाज सब देख रहा, चुनाव में देगा जवाब’
ओम प्रकाश राजभर ने आगामी विधानसभा चुनाव का जिक्र करते हुए सपा पर राजनीतिक हमला और तेज कर दिया. उन्होंने दावा किया कि यादव समाज पूरे घटनाक्रम को देख रहा है और आने वाले चुनाव में इसका जवाब देगा. राजभर ने खास तौर पर आजमगढ़ के यादव समाज का जिक्र करते हुए कहा कि लोग सब कुछ देख और समझ रहे हैं. उन्होंने अखिलेश यादव पर तंज कसते हुए कहा कि कम से कम उन कार्यकर्ताओं के तो सगे हो जाएं, जो वर्षों से समाजवादी पार्टी का झंडा उठाकर जमीन पर संघर्ष करते रहे हैं.
चुनाव से पहले सियासी बयानबाजी तेज
आजमगढ़ को समाजवादी पार्टी का महत्वपूर्ण राजनीतिक गढ़ माना जाता रहा है. ऐसे में यहां के एक सपा कार्यकर्ता से जुड़े कथित मारपीट के मामले को लेकर राजभर का हमला राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है. विधानसभा चुनाव से पहले सपा के यादव वोट बैंक को लेकर होने वाली सियासी बयानबाजी के बीच राजभर के इस बयान ने प्रदेश की राजनीति में नई चर्चा छेड़ दी है. हालांकि, राहुल यादव की कथित पिटाई को लेकर राजभर की ओर से लगाए गए आरोपों और सपा विधायक नफीस अहमद की कथित भूमिका पर संबंधित पक्ष का आधिकारिक पक्ष सामने आना बाकी है. इसलिए लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है.
