संघ विचारक राकेश सिन्हा को जब दलित एक्टिविस्ट समझ उठा ले गयी पुलिस

नोएडा : टीवी चैनलों में आरएसएस का पक्ष रखने वाले संघ विचारक राकेश सिन्हा को कल नोएडा पुलिस उठाकर ले गयी. सीएनएन न्यूज 18 स्टू़डियों के शो में हिस्सा लेने जा रहे थे. इस दौरान पुलिस ने गलती से उन्हें दलित एक्टिविस्ट समझ लिया. राकेश सिन्हा ने ट्वीट कर इस बात की जानकारी देते हुए […]

नोएडा : टीवी चैनलों में आरएसएस का पक्ष रखने वाले संघ विचारक राकेश सिन्हा को कल नोएडा पुलिस उठाकर ले गयी. सीएनएन न्यूज 18 स्टू़डियों के शो में हिस्सा लेने जा रहे थे. इस दौरान पुलिस ने गलती से उन्हें दलित एक्टिविस्ट समझ लिया. राकेश सिन्हा ने ट्वीट कर इस बात की जानकारी देते हुए कहा कि एसएचओ अनिल कुमार शाही के नेतृत्व में जबरन पुलिस गाड़ी में बैठाकर ले गयी. उनका व्यवहार अशोभनीय था. भीड़ जुटने पर उन्हें 500 मीटर दूर जाकर छोड़ा.

राकेश सिन्हा के इस ट्वीट पर वरिष्ठ पत्रकार राजेश जोशी ने लिखा कि "जब आपके साथ ऐसा व्यवहार हो सकता है राकेश सिन्हा जी तो आप अनुमान लगा सकते हैं सत्ता तक पहुंच नहीं रखने वाले लोगों का क्या हाल होगा".

गौरतलब है कि कल दिनभर हिंसक प्रदर्शनों के दौरान देश के कई हिस्सों से हिंसक घटनाओं की खबर सामने आयी. इस हिंसक प्रदर्शन में 10 लोगों की मौत की खबर भी आयी. वहीं राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने आरोप लगाया कि कुछ लोग संघ के खिलाफ दलितों को भड़काने का काम कर रहे हैं.
आरएसएस के सरकार्यवाह भैयाजी जोशी ने बयान जारी कर साफ किया कि संघ दलितों के उत्पीड़न के खिलाफ जैसे कानून के कड़ाई से लागू करने के पक्ष में है. उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में सरकार की ओर दाखिल पुनर्विचार याचिका को सही कदम बताया.किसी पार्टी का नाम लिए बिना भैयाजी जोशी ने कहा कि कुछ लोग संघ के खिलाफ जहर उगलने में जुटे हैं और उसके खिलाफ दुष्प्रचार कर रहे हैं. उन्होंने साफ किया कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले से संघ का कोई लेना-देना नहीं होने के बावजूद इसमें उसका नाम घसीटा जा रहा है. भैयाजी जोशी के अनुसार संघ हमेशा से सामाजिक सद्भाव, समरसता का परस्पर प्रेम का संदेश देता है.

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