UP Politics: आम आदमी पार्टी (AAP) के युवा विंग के उत्तर प्रदेश अध्यक्ष पंकज अवाना के खिलाफ नोएडा में FIR दर्ज की गई है. उन पर सेक्टर-51 के होशियारपुर स्थित सरकारी स्कूल में बिना अनुमति प्रवेश करने और स्कूल परिसर की फोटो-वीडियो बनाने का आरोप है. स्कूल के एक शिक्षक की शिकायत के आधार पर सेक्टर-49 थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.
शिक्षक ने वीडियो बनाने से रोकने का लगाया आरोप
शिकायत के मुताबिक पंकज अवाना कथित तौर पर बिना अनुमति स्कूल परिसर में पहुंचे और वहां की व्यवस्थाओं को कैमरे में रिकॉर्ड करने लगे. शिक्षक ने उन्हें वीडियो बनाने से रोकने की कोशिश की. आरोप है कि इसके बावजूद रिकॉर्डिंग जारी रही. शिकायत में शिक्षक को धमकी दिए जाने का भी आरोप लगाया गया है. पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज किया है.
किन धाराओं में दर्ज हुआ मामला?
पुलिस के अनुसार यह मामला 20 अगस्त को दर्ज किया गया. FIR में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 333, 351(2), 352 और 3(5) के तहत कार्रवाई की गई है. पुलिस अब शिकायत में लगाए गए आरोपों और घटनाक्रम से जुड़े तथ्यों की जांच कर रही है.
AAP नेता बोले- सरकारी स्कूलों की बदहाली दिखाते रहेंगे
FIR दर्ज होने के बाद पंकज अवाना ने कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं. उनका कहना है कि सरकारी स्कूलों की स्थिति को जनता के सामने रखने से वह पीछे नहीं हटेंगे. उन्होंने कार्रवाई को स्कूलों की स्थिति सामने लाने से जोड़ते हुए कहा कि वह आगे भी जनहित से जुड़े मुद्दे उठाते रहेंगे.
संजय सिंह ने भी उठाए सवाल
AAP सांसद संजय सिंह ने पंकज अवाना के खिलाफ FIR दर्ज होने पर सवाल उठाया है. उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिये कहा कि सरकारी स्कूलों की स्थिति सामने लाने पर कार्रवाई क्यों की जा रही है. उन्होंने स्कूलों की स्थिति सुधारने की जरूरत पर भी सवाल उठाया.
ग्रेटर नोएडा में भी सरकारी स्कूल में वीडियो बनाने का मामला
इसी बीच ग्रेटर नोएडा के बादलपुर थाना क्षेत्र के गुरिधरपुर सुनारसी स्थित माध्यमिक विद्यालय में भी बिना अनुमति प्रवेश और वीडियो बनाने का एक अलग मामला सामने आया है. यहां स्कूल की शिकायत के आधार पर करीब आठ अज्ञात लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है. पुलिस इन लोगों की पहचान और स्कूल परिसर में पहुंचने के कारणों की जांच कर रही है.
जांच के बाद स्पष्ट होगी पूरी तस्वीर
नोएडा के मामले में फिलहाल पुलिस ने स्कूल स्टाफ की शिकायत के आधार पर FIR दर्ज कर जांच शुरू की है. पुलिस शिकायत में लगाए गए आरोपों, वीडियो रिकॉर्डिंग और घटनाक्रम से जुड़े अन्य तथ्यों की पड़ताल कर रही है. जांच पूरी होने के बाद ही मामले की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी.
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