UP News: नेपाल में त्रिशूली नदी में अचानक आई बाढ़ ने कई परिवारों की खुशियां छीन ली हैं. इस जलप्रलय की चपेट में बलिया के रसड़ा क्षेत्र का एक परिवार भी आ गया. रसड़ा के पुरानी मस्जिद के पास रहने वाले पन्नालाल चौरसिया की पत्नी जगदरा उर्फ उषा देवी और 18 वर्षीय बेटा राहुल सैलाब में बह गए. दोनों का अब तक कोई सुराग नहीं मिल सका है. परिजन उनकी सलामती की उम्मीद लगाए हुए हैं और लगातार तलाश की जा रही है.
40 साल पहले रोजगार के लिए नेपाल गए थे पन्नालाल
बताया जाता है कि करीब 40 वर्ष पहले पन्नालाल चौरसिया रोजगार की तलाश में नेपाल गए थे. नुवाकोट के त्रिशूली बाजार में उन्होंने कपड़े का कारोबार शुरू किया. धीरे-धीरे परिवार भी उनके साथ नेपाल में बस गया. वर्षों से परिवार वहीं रह रहा था. राहुल पढ़ाई के साथ पिता की कपड़े की दुकान में भी हाथ बंटाता था.
सुबह छह बजे बेटे ने पिलाई थी चाय, फिर बन गई आखिरी मुलाकात
पन्नालाल के लिए सबसे दर्दनाक बात यह है कि गुरुवार की सुबह तक सबकुछ सामान्य था. करीब छह बजे बेटे राहुल ने रोज की तरह पिता के लिए चाय बनाई और उन्हें पिलाई. इसके बाद पन्नालाल व्यायाम के लिए बटार की ओर निकल गए. घर और दुकान पर उस समय पत्नी और बेटा मौजूद थे. उन्हें क्या पता था कि बेटे के हाथ की यह चाय उनकी आखिरी मुलाकात बन जाएगी.
लौटते समय मिली सैलाब की खबर, दुकान पहुंचे तो उड़ गए होश
पन्नालाल के अनुसार, करीब 9:26 बजे जब वह वापस लौट रहे थे, तभी रास्ते में लोगों ने त्रिशूली नदी में अचानक आए सैलाब की जानकारी दी. वह घबराकर तेजी से अपनी दुकान की ओर पहुंचे. वहां पहुंचने पर पता चला कि उनकी पत्नी और बेटा बाढ़ के तेज बहाव की चपेट में आ गए हैं. इसके बाद से परिवार के दोनों सदस्यों की तलाश जारी है.
मोबाइल पास होता तो शायद बच जाती पत्नी-बेटे की जान
पन्नालाल का कहना है कि उनका मोबाइल दुकान में ही छूट गया था. अगर मोबाइल उनके पास होता तो बाढ़ की जानकारी मिलते ही वह पत्नी और बेटे को फोन कर सुरक्षित स्थान पर जाने के लिए कह सकते थे. यह सोचकर वह खुद को रोक नहीं पा रहे हैं. परिजनों के मुताबिक, मां और भाई के लापता होने की खबर से दोनों बेटियां भी गहरे सदमे में हैं. परिवार के लोग लगातार नेपाल में संपर्क बनाए हुए हैं और राहत-बचाव दल से किसी सकारात्मक खबर की उम्मीद कर रहे हैं.
त्रिशूली बाजार में बाढ़ ने मचाई भारी तबाही
नेपाल के नुवाकोट में त्रिशूली नदी का जलस्तर अचानक बढ़ने से कई इलाकों में तबाही मची है. त्रिशूली बाजार के आसपास घरों और दूसरे ढांचों को नुकसान पहुंचा है. अचानक आए तेज बहाव के कारण लोगों को संभलने तक का मौका नहीं मिला. राहत और बचाव अभियान जारी है. बलिया के रसड़ा में भी पन्नालाल के परिवार और परिचितों की निगाहें नेपाल से आने वाली हर सूचना पर टिकी हैं. सभी की एक ही दुआ है—सैलाब में लापता मां-बेटा किसी तरह सुरक्षित मिल जाएं.
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