Mustafabad Name Change: यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पहले की सरकारों ने सेक्युलरिज्म के नाम पर पहचान मिटाने का पाखंड किया था. अब वह दौर समाप्त हो गया है. डबल इंजन की सरकार में हर प्रमुख धर्मस्थल का पुनरुद्धार और सम्मान किया जा रहा है. पहले यही पैसा कब्रिस्तानों की बाउंड्री वॉल पर खर्च होता था, अब यह आस्था और विरासत के उत्थान में लग रहा है.”
मुस्तफाबाद की पहचान कबीरधाम के रूप में स्थापित होगी : योगी
मुख्यमंत्री ने कहा कि जैसे अयोध्या ने अपनी पहचान फैजाबाद से और प्रयागराज ने इलाहाबाद से वापस पाई, वैसे ही मुस्तफाबाद की पहचान भी अब कबीरधाम के रूप में स्थापित होगी. उन्होंने कहा कि यह सिर्फ नाम बदलने की प्रक्रिया नहीं, बल्कि “आस्था, संस्कृति और राष्ट्रीय आत्मा के पुनर्जागरण का संकल्प” है.
“संत कबीरदास की वाणी आज भी उतनी ही प्रासंगिक”
सीएम योगी ने संत कबीरदास जी की शिक्षाओं को आज के समय में समाज का मार्गदर्शक बताया. उन्होंने कहा कि “संत कबीरदास जी ने उस युग में समाज की विषमताओं पर चोट की थी. उनका यह दोहा-‘जाति पाति पूछे न कोई, हरि को भजे सो हरि का होई’ आज भी हमें एकजुटता और समानता का संदेश देता है.” मुख्यमंत्री ने कहा कि निर्गुण भक्ति की धारा ने समाज को जाति, धर्म और पंथ से ऊपर उठकर ईश्वर और आत्मा के वास्तविक संबंध से जोड़ा. उन्होंने कहा कि संत कबीरदास जैसे महापुरुषों की वाणी समाज की चेतना को जीवंत रखती है.
“जो राष्ट्र की एकता तोड़ता है, वह भारत की आत्मा पर प्रहार करता है”
सीएम योगी ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि आज भी कुछ ताकतें देश की एकता को तोड़ने की कोशिश में लगी हैं. उन्होंने कहा- “सेक्युलरिज़्म के नाम पर असली सेक्युलर मूल्यों को कुचलने वालों से सावधान रहना होगा,” मुख्यमंत्री ने आगे कहा, “हमारी कमजोरियां अगर समय रहते नहीं सुधरीं, तो ये सामाजिक कैंसर बन जाएंगी. सभी समस्याओं का एकमात्र समाधान राष्ट्रभक्ति है.” उन्होंने कहा कि “यह भूमि केवल मिट्टी का टुकड़ा नहीं, हमारी माता है. भूमि की सेवा ही सच्ची उपासना और सच्ची देशभक्ति है.”
“मोदी के नेतृत्व में भारत तीसरी आर्थिक महाशक्ति बनने की राह पर”
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश की आर्थिक प्रगति का उल्लेख करते हुए कहा कि “2014 से पहले भारत पहचान के संकट से जूझ रहा था. भ्रष्टाचार और आतंकवाद ने देश की जड़ों को खोखला किया था. लेकिन आज भारत विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है और कुछ ही महीनों में तीसरी आर्थिक महाशक्ति बनने जा रहा है.”
विकास और आस्था का संतुलन: लखीमपुर खीरी का नया चेहरा
मुख्यमंत्री ने कहा कि सीमावर्ती जिला लखीमपुर खीरी अब विकास की नई परिभाषा गढ़ रहा है. यहां मेडिकल कॉलेज की स्थापना, एयरपोर्ट का विस्तार और ईको-टूरिज्म को बढ़ावा दिया जा रहा है. उन्होंने कहा- “गोला गोकर्णनाथ धाम और कबीरधाम जैसे पवित्र स्थलों का पुनरोद्धार न केवल आस्था को बल दे रहा है, बल्कि पर्यटन को भी गति प्रदान कर रहा है.”
नशामुक्त समाज और नेचुरल फार्मिंग का आह्वान
मुख्यमंत्री ने संत असंगदेव जी महाराज के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि “वे धर्म, राष्ट्र चेतना और नशा मुक्ति का जो कार्य कर रहे हैं, वह समाज के लिए प्रेरणास्रोत है.” सीएम योगी ने कहा कि “नशा नाश का कारण है. यह विदेशी साजिश है, जो हमारी नई पीढ़ी को खोखला करना चाहती है. फोन और नशे की लत से युवाओं को दूर रखना परिवार और राष्ट्र दोनों की जिम्मेदारी है.” उन्होंने किसानों से रासायनिक खेती छोड़ नेचुरल फार्मिंग अपनाने की अपील की. “एक गाय 30 एकड़ भूमि के लिए पर्याप्त जैविक खाद दे सकती है. हर गाय के संरक्षण के लिए सरकार 1500 रुपये प्रतिमाह दे रही है. भूमि की सेवा, जल का संरक्षण और नेचुरल फार्मिंग—यही सच्ची राष्ट्रभक्ति है.”
आयोजन में उमड़ा जनसैलाब
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के साथ असंगदेव जी महाराज, मंत्री राकेश सचान, नितिन अग्रवाल, मन्नूलाल कोरी, विधायक अमन गिरी, रोमी साहनी, लोकेंद्र प्रताप सिंह, शशांक वर्मा, योगेश वर्मा, विनोद शंकर अवस्थी, मंजू त्यागी, सौरभ सिंह सोनू, महामंडलेश्वर प्रवक्तानंद सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु और संतजन उपस्थित रहे. कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री ने सभी को छठ महापर्व की शुभकामनाएं दीं और सद्गुरु कबीर पूज्य श्री असंगदेव जी धर्मशाला का भूमि पूजन किया.
