UP News: तीन तलाक के खिलाफ बने कानून के तहत मुरादाबाद में पहली सजा सुनाई गई है. अदालत ने पत्नी को तीन तलाक देने और उस पर तेजाब डालने के मामले में पति वाजिद को दोषी माना. एडीजे-01 अनिल कुमार की अदालत ने उसे पांच साल की कैद और 36 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई. अदालत ने जुर्माने की आधी रकम पीड़िता को देने का निर्देश दिया है.
मारपीट के बाद दिया तीन तलाक
मामला पाकबड़ा थाना क्षेत्र की महिला से जुड़ा है. महिला ने 7 जुलाई 2021 को भोजपुर थाने में पति के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी. शिकायत के अनुसार, उसकी शादी करीब सात साल पहले भोजपुर के मकसूदपुर निवासी वाजिद से हुई थी. संतान नहीं होने पर पति दूसरी शादी करना चाहता था.आरोप है कि इसी वजह से महिला को ससुराल में ताने भी सुनने पड़ते थे.
तेजाब डालने का भी आरोप
महिला ने पुलिस को बताया था कि 4 जुलाई 2021 की सुबह करीब छह बजे वाजिद ने उसके साथ मारपीट की.आरोप है कि इसी दौरान उस पर तेजाब डाल दिया गया.इसके बाद उसे तीन तलाक देकर घर से निकाल दिया गया.पुलिस ने जांच पूरी करने के बाद आरोपी के खिलाफ अदालत में आरोपपत्र दाखिल किया.
13 गवाह पेश, छह ने दर्ज कराए बयान
मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने कुल 13 गवाह पेश किए. इनमें छह गवाहों के बयान अदालत में दर्ज हुए. दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने वाजिद को दोषी करार दिया. तीन तलाक के लिए तीन साल और तेजाब डालने के मामले में पांच साल की सजा सुनाई गई. दोनों सजाएं साथ-साथ चलेंगी.
मुरादाबाद में कानून के तहत पहली सजा
यह मामला मुस्लिम महिला (विवाह अधिकार संरक्षण) अधिनियम, 2019 के तहत दर्ज किया गया था. उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, मुरादाबाद जिले में इस कानून के तहत यह पहली सजा है. अदालत ने 36 हजार रुपये के जुर्माने का भी आदेश दिया है. जुर्माना जमा होने पर इसकी 50 प्रतिशत राशि पीड़िता को दी जाएगी.
