बिजली मंत्री की मौजूदगी में गुल हुई बिजली: शर्मनाक लापरवाही पर गिरी गाज, 5 अधिकारी सस्पेंड

Moradabad News: ऊर्जा मंत्री एके शर्मा के कार्यक्रम के दौरान मुरादाबाद में 10 मिनट तक बिजली गुल हो गई. इससे नाराज शासन ने चीफ इंजीनियर समेत 5 अफसरों को सस्पेंड कर दिया. पीवीवीएनएल एमडी ने कार्रवाई करते हुए लापरवाही को गंभीर प्रशासनिक चूक बताया. जांच के आदेश भी दिए गए हैं.

Moradabad News: मुरादाबाद के गांधी पार्क में रविवार को एक सार्वजनिक कार्यक्रम आयोजित किया गया था, जिसमें उत्तर प्रदेश के ऊर्जा मंत्री एके शर्मा मुख्य अतिथि के तौर पर पहुंचे थे. कार्यक्रम के दौरान जैसे ही मंत्री मंच पर पहुंचे और भाषण की शुरुआत की, अचानक बिजली आपूर्ति बाधित हो गई. करीब 10 मिनट तक कार्यक्रम स्थल पर बिजली नहीं रही, जिससे मंच संचालन रुक गया और अफरातफरी जैसी स्थिति पैदा हो गई. इस घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ, जिससे सरकार और विभाग की काफी किरकिरी हुई.

ऊर्जा मंत्री की फजीहत, अफसरों पर गिरी गाज

कार्यक्रम के दौरान बिजली गुल होना सरकार और ऊर्जा मंत्री की साख पर सीधा हमला माना गया. इसे गंभीर प्रशासनिक चूक मानते हुए तुरंत कार्रवाई की गई. शासन ने बिजली विभाग के पांच वरिष्ठ अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया। जिन अधिकारियों पर गाज गिरी उनमें मुख्य अभियंता (Chief Engineer) अरविंद सिंघल, अधीक्षण अभियंता (SE) सुनील अग्रवाल, कार्यपालक अभियंता (EE) प्रिंस गौतम, एसडीओ राणा प्रताप, और जूनियर इंजीनियर ललित कुमार शामिल हैं. इन अधिकारियों को लापरवाही, व्यवस्था की चूक और खराब समन्वय का दोषी मानते हुए तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया.

पीवीवीएनएल एमडी ईशा दुहन का सख्त ऐक्शन

पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (PVVNL) की प्रबंध निदेशक (MD) ईशा दुहन ने इस लापरवाही पर बेहद सख्त रुख अपनाते हुए तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए. उन्होंने स्पष्ट किया कि “ऐसे कार्यक्रमों के दौरान निर्बाध बिजली आपूर्ति को लेकर पूर्व से दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं, लेकिन मुरादाबाद में हुए इस घटनाक्रम ने साबित कर दिया कि अधिकारी जिम्मेदारियों के निर्वहन में गंभीर नहीं थे.” उन्होंने आगे कहा कि विभाग की साख से जुड़ा यह मसला अब बर्दाश्त से बाहर है और भविष्य में ऐसे मामलों में और भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी.

जन संवाद के बीच बनी प्रशासनिक असफलता

ऊर्जा मंत्री एके शर्मा मुरादाबाद में जनता से सीधे संवाद स्थापित करने और प्रदेश में चल रही ऊर्जा सुधार योजनाओं की जानकारी देने पहुंचे थे. वे इस कार्यक्रम के माध्यम से लोगों को आश्वस्त करना चाहते थे कि यूपी में बिजली व्यवस्था बेहतर हो रही है. लेकिन बिजली गुल हो जाना खुद मंत्री के दावों को ही कटघरे में खड़ा कर गया. आम लोगों में भी इस बात को लेकर नाराजगी देखी गई कि जब मंत्री की मौजूदगी में बिजली नहीं टिक सकी, तो आम दिनों में हालात कितने खराब होंगे.

भविष्य में लापरवाही पर लगाम

इस घटना के बाद शासन ने तत्काल ऊर्जा विभाग को निर्देश जारी किए हैं कि भविष्य में इस तरह की लापरवाही न दोहराई जाए. सभी जिलों को कंटिजेंसी प्लान तैयार रखने और कार्यक्रमों के दौरान बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने को लेकर स्पष्ट गाइडलाइन जारी की गई है. साथ ही, कार्यक्रम स्थलों की तकनीकी जांच और बैकअप व्यवस्था को भी अनिवार्य कर दिया गया है. शासन स्तर पर उच्च स्तरीय जांच शुरू कर दी गई है और दोषियों की जवाबदेही तय की जाएगी.

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By Abhishek Singh

Abhishek Singh is a contributor at Prabhat Khabar.

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