UP Crime News: मेरठ के मोदीपुरम की महिला चिकित्सक खुशाली की मौत का मामला लगातार उलझता जा रहा है. खुशाली के मायके वालों ने पति मयंक पर गंभीर आरोप लगाए हैं. पिता जगदेव और भाई रजत का कहना है कि मयंक खुशाली को खाने-पीने की चीजों में नशीला पदार्थ देता था. आरोप है कि वह आपत्तिजनक वीडियो वायरल करने की धमकी भी देता था. परिवार का दावा है कि खुशाली के नाम पर करीब 12 लाख रुपये के 15 लोन लिए गए थे. इसके बावजूद पांच लाख रुपये अतिरिक्त दहेज की मांग की जा रही थी.
कमरे में फंदे से लटका मिला खुशाली का शव
खुशाली का शव रविवार को पल्लवपुरम फेस-2 की सर्विस रोड स्थित क्लीनिक के ऊपर दूसरी मंजिल के कमरे में फंदे से लटका मिला था. सूचना के बाद मायके वाले मौके पर पहुंचे. भाई रजत के अनुसार, कमरे का दरवाजा तोड़कर अंदर जाने पर खुशाली के दोनों हाथ आगे की ओर बंधे मिले. घटना के बाद परिवार ने हत्या की आशंका जताई और पुलिस को तहरीर दी.
पति मयंक और ससुर गिरफ्तार
बीएसएफ में दरोगा रहे खुशाली के पिता जगदेव सिंह की तहरीर पर पुलिस ने पति मयंक, सास निर्मला, ससुर हरेंद्र सिंह, देवर निशांत और देवरानी के खिलाफ दहेज हत्या की प्राथमिकी दर्ज की. देर रात पुलिस ने आरोपी पति मयंक और उसके पिता रिटायर्ड दरोगा हरेंद्र सिंह को गिरफ्तार कर लिया. पुलिस मामले की जांच कर रही है.
‘खाने-पीने की चीजों में देता था नशीला पदार्थ’
खुशाली के पिता और भाई ने आरोप लगाया कि मयंक उसे खाने-पीने की चीजों में ड्रग्स देता था. परिवार के मुताबिक, नशीला पदार्थ लेने के बाद खुशाली अक्सर नींद में रहती थी. कई बार उसके मुंह से झाग भी निकलता था. रजत का कहना है कि परिवार को बाद में पता चला कि खुशाली को नशीला पदार्थ दिया जा रहा था. इन आरोपों की पुलिस जांच कर रही है.
आपत्तिजनक वीडियो वायरल करने की धमकी का आरोप
परिजनों का आरोप है कि मयंक खुशाली को आपत्तिजनक वीडियो वायरल करने की धमकी देता था. उनका कहना है कि पैसे नहीं देने पर वीडियो सार्वजनिक करने की बात कही जाती थी. परिवार के अनुसार, मयंक बीएएमएस चिकित्सक है, लेकिन कहीं नौकरी नहीं करता था. उसके पिता हरेंद्र सिंह सेवानिवृत्त दरोगा हैं.
खुशाली के नाम पर लिए गए 15 लोन
पिता और भाई ने आरोप लगाया कि खुशाली के नाम पर करीब 12 लाख रुपये के 15 लोन लिए गए थे. रजत के मुताबिक, मयंक खुशाली पर लोन के कागजात पर हस्ताक्षर करने का दबाव बनाता था. परिजनों का दावा है कि इसके साथ ही मायके से पांच लाख रुपये लाने की मांग भी की जा रही थी.
शादी के छह महीने भी पूरे नहीं हुए थे
खुशाली और मयंक की शादी 14 जनवरी 2026 को हुई थी. परिजनों के मुताबिक, खुशाली 29 जुलाई तक ससुराल में रही. इसके बाद पति की मारपीट और उत्पीड़न से परेशान होकर वह मायके पल्लवपुरम फेज-1 की रॉयल एक्सटेंशन कॉलोनी आ गई थी. पिता और भाई ने यह भी बताया कि काशीपुर और सोनीपत में मयंक के खिलाफ चेक बाउंस के मामले दर्ज हैं.
पोस्टमार्टम में फंदे से मौत की पुष्टि
सीओ दौराला शिव ठाकुर ने बताया कि चिकित्सकों से मिली जानकारी के अनुसार, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में फंदे से मौत की पुष्टि हुई है. हालांकि, मौत का स्पष्ट कारण जानने के लिए विसरा सुरक्षित रखा गया है. पुलिस के अनुसार, आरोपियों के खिलाफ दहेज हत्या के तहत कार्रवाई की जा रही है. ड्रग्स देने, लोन लेने और आपत्तिजनक वीडियो से धमकी देने के आरोपों की भी जांच की जा रही है.
