यूपी में मानसून का कहर, आकाशीय बिजली गिरने सहित अन्य घटनाओं में 34 लोगों की मौत, रायबरेली में आठ बच्चे झुलसे

यूपी में बिजली आसमान से काल बनकर गिर रही है. इस वजह से मौतों का सिलसिला जारी है. वहीं कई लोग घायल हो गए हैं, जिनमें बच्चे भी शामिल हैं. मानसून के कहर के बीच डूबने और अतिवृष्टि भी लोगों की मौत की वजह बनी है. मौसम विभाग ने सोमवार को भी तेज बारिश, आकाशीय बिजली गिरने को लेकर अलर्ट जारी किया है.

Lucknow: यूपी में मानसून के सक्रिय होने के कारण प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में बारिश का सिलसिला जारी है. प्रदेश में अलग-अलग स्थानों में मध्यम से तेज बारिश के बीच आकाशीय बिजली गिरने के कई मामले सामने आए हैं. इस वजह से लोगों की मौत हुई है. इसके अलावा पानी में डूबने और अतिवृष्टि के कारण भी लोगों की जान गई है. प्रदेश सरकार के मुताबिक इन घटनाओं में कुल 34 लोगों की मौत हुई है.

यूपी के राहत आयुक्त के अनुसार प्रदेश में बीते चौबीस घंटे में आकाशीय विद्युत बिजली गिरने से 17, पानी में डूबने से 12 तथा अतिवृष्टि से 5 लोगों की मौत हुई है. इनमें बागपत, इटावा, उन्नाव, आगरा व बलिया में आकाशीय बिजली गिरने से एक-एक, जालौन, कानपुर देहात, कन्नौज व गाजीपुर में दो-दो और मैनपुरी में चार लोगों की मौत हुई है.

इसके अलावा पानी में डूबने से संत कबीर नगर में एक, बदायूं में दो, बरेली में चार और रायबरेली में पांच लोगों की मौत हुई है. अतिवृष्टि से एटा, कन्नौज व कौशाम्बी में एक-एक और मुजफ्फरनगर में दो लोगों की मौत हुई है.

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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में आकाशीय बिजली गिरने, पानी में डूबने तथा अतिवृष्टि से हुई जनहानि पर शोक व्यक्त किया है. उन्होंने दिवंगत व्यक्तियों के आश्रितों को चार-चार लाख रुपये की सहायता राशि तुरंत वितरित करने के निर्देश दिए हैं. मुख्यमंत्री ने शोक संतप्त परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की. उन्होंने विभिन्न प्राकृतिक आपदाओं में घायलों का समुचित उपचार कराने के निर्देश दिए हैं.

रायबरेली में आठ बच्चे झुलसे

इस बीच रायबरेली में कोतवाली क्षेत्र के चंदूलाल का पुरवा मजरे अंबारा पश्चिम गांव में पशु चराने गए बच्चे आकाशीय बिजली की चपेट में आकर झुलस गए. परिजनों ने उन्हें इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया. बताया जा रहा है कि गांव के 17 वर्षीय अनिल, 15 वर्षीय प्रदीप और 8 वर्षीय सौरभ गांव से बाहर नसीरपुर गांव स्थित भट्टे के करीब मवेशी चराने गए थे.

वहीं गांव के ही 15 वर्षीय सचिन, 16 वर्षीय प्रीति और 18 वर्षीय आरती, 17 वर्षीय सरवन और 16 वर्षीय मिथुन खेत में धान की रोपाई कर रहे थे. इसी दौरान बूंदाबांदी की बीच तेज कड़कड़ाहट के साथ आसमानी बिजली की चपेट में आकर आठों बच्चे झुलस गए.

जानकारी मिलते ही परिजन तत्काल सभी बच्चों को इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया. जहां अनिल व प्रदीप की हालत गंभीर होने के कारण डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया. इस बीच मौसम विभाग ने सोमवार को भी प्रदेश में बारिश के साथ आकाशीय बिजली गिरने की संभावना जताई है. लोगों से बारिश के दौरान खुले में नहीं रहने की अपील की गई है.

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लेखक के बारे में

Author: Sanjay Singh

working in media since 2003. specialization in political stories, documentary script, feature writing.

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