मायावती बोलीं: लोकसभा और विधानसभा चुनाव अकेले लड़ेगी बसपा
बहुजन समाज पार्टी की सुप्रीमो मायावती ने बुधवार को कहा कि National Democratic Alliance (NDA) व India National Developmental Inclusive Alliance (I-N-D-I-A) गठबंधन अधिकतर गरीब-विरोधी जातिवादी, साम्प्रदायिक, धन्नासेठ-समर्थक व पूंजीवादी नीतियों वाली पार्टियां हैं, जिनकी नीतियों के विरुद्ध बीएसपी अनवरत संघर्षरत है और इसीलिए इनसे गठबंधन करके चुनाव लड़ने का सवाल ही पैदा नहीं होता. इसलिए मीडिया से अपील-नो फेक न्यूज प्लीज.
बसपा सुप्रीमो ने कहा कि बीएसपी, विरोधियों के जुगाड़, जोड़तोड़ से ज्यादा समाज के टूटे बिखरे हुए करोड़ों उपेक्षितों को आपसी भाईचारा के आधार पर जोड़कर उनके गठबंधन से सन 2007 की तरह अकेले आगामी लोकसभा तथा चार राज्यों में विधानसभा का आमचुनाव लडे़गी. उन्होंने कहा कि मीडिया बार-बार भ्रान्तियां न फैलाए. उन्होंने कहा कि वैसे तो बीएसपी से गठबंधन के लिए यहां सभी आतुर हैं. लेकिन, ऐसा न करने पर विपक्षी द्वारा खिसयानी बिल्ली खंभा नोचे की तरह भाजपा से मिलीभगत का आरोप लगाते हैं. उन्होंने कहा कि इनसे मिल जाएं तो सेक्युलर न मिलें तो भाजपाई. यह घोर अनुचित तथा अंगूर मिल जाए तो ठीक वरना अंगूर खट्टे हैं, की कहावत जैसी है.
मायावती ने कहा कि इसके अलावा, बीएसपी से निकाले जाने पर सहारनपुर के पूर्व विधायक कांग्रेस व उस पार्टी के शीर्ष नेताओं की प्रशंसा में व्यस्त हैं, जिससे लोगों में यह सवाल स्वाभाविक है कि उन्होंने पहले यह पार्टी छोड़ी क्यों और फिर दूसरी पार्टी में गए ही क्यों? ऐसे लोगों पर जनता कैसे भरोसा करे?