मुजफ्फरनगर में शिक्षिका की शर्मनाक करतूत पर लखनऊ से दिल्ली तक नाराजगी, ट्वीटर पर उठी गिरफ्तारी की मांग

Muzaffarnagar School Video: मुजफ्फरनगर के नेहा पब्लिक स्कूल में पांच का पहाड़ा नहीं सुनाने पर छात्र पर की गई धार्मिक टिप्पणी और पिटाई के मामले की गूंज लखनऊ और दिल्ली तक हुई है. लोंगों ने ट्वीट कर आरोपी टीचर की गिरफ्तारी की मांग की है.

Muzaffarnagar School Video: यूपी में मुजफ्फरनगर के एक स्कूल का बेहद हैरान करने वाला वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. इस वीडियो में देखा जा सकता है कि स्कूल टीचर क्लास में एक बच्चे को बाकी बच्चों से पिटवा रही है. दावा किया जा रहा है कि जिस बच्चे को बाकी छात्र थप्पड़ मार रहे हैं, वो मुस्लिम है. मामला तुल पकड़ता देख मुजफ्फरनगर पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई की बात कही है.

दरअसल, मुजफ्फरनगर जिले में खुब्बापुर गांव के नेहा पब्लिक स्कूल में यूकेजी क्लास में पढ़ने वाला छात्र पांच का पहाड़ा नहीं सुना पाया. इस पर टीचर भड़क गईं. उन्होंने छात्र के साथियों से उसे पिटवा दिया. यही नहीं, टीचर ने छात्र के धर्म को लेकर टिप्पणी भी की.

वहीं, इस पूरी ​​​​​​ घटना का वीडियो भी सामने आ गया. जिसमें देखा जा सकता है कि 7 साल का छात्र टीचर के बगल में खड़ा है. वह रो रहा है, जबकि क्लास के दूसरे बच्चे बैठे हैं. टीचर अपने सामने बैठे एक शख्स से कह रही हैं कि उन्‍होंने बच्‍चे को 5 का टेबल तक याद करा दिया था, मगर वह भूल गया.

इसी दौरान वह थप्पड़ मारने वाले बच्चों को जोर से मारने के लिए कहती हैं. इसके बाद एक बच्चा उठकर शिक्षिका के पास खड़े छात्र के पास आता है और उसको जोरदार थप्पड़ लगा देता है. इस पर मैडम बोलती हैं कि ताकत नहीं है क्या?’ मार पड़ते ही बच्चा तेजी से रोने लगता है, मगर टीचर का दिल नहीं पसीजता है.

फिलहाल, वीडियो सामने आने बाद बीएसए शुभम शुक्ला ने जांच के आदेश दिए हैं. साथ ही स्कूल मैनेजमेंट को नोटिस भी भेजा है. वहीं, छात्र के पिता ने कहा कि मैं अब अपने बच्चे को उस स्कूल में नहीं पढ़ाऊंगा. मेरी मांग है कि पिटाई करवाने वाली शिक्षिका के खिलाफ कार्रवाई की जाए.

कार्रवाई पर चुप्पी, वीडियो पर सफाई

पुलिस ने शिक्षिका पर देर रात तक कार्रवाई के विषय में कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी. हालांकि पुलिस अधिकारियों ने शिक्षिका के वीडियो पर सफाई जरूर दी है. यह बताने की कोशिश की गई है कि शिक्षिका वीडियो में क्या कह रही है.

राजनीतिक रंग भी चढ़ने लगा

अब टीचर द्वारा छात्र पर की गई धार्मिक टिप्पणी और पिटाई की गूंज लखनऊ और दिल्ली तक हुई है. सोशल मीडिया ग्रुप में एक-दूसरे पर टिप्पणी की जा रही है. शनिवार को मामले के और अधिक तूल पकड़ने के आसार नजर आ रहे हैं.

राहुल गांधी ने बीजेपी को घेरा

इस मामले को लेकर बीजेपी पर निशाना साधते हुए कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने ट्वीट कर कहा कि मासूम बच्चों के मन में भेदभाव का जहर घोलना, स्कूल जैसे पवित्र स्थान को नफरत का बाजार बनाना. एक शिक्षक देश के लिए इससे बुरा कुछ नहीं कर सकता. ये बीजेपी का फैलाया वही केरोसिन है जिसने भारत के कोने-कोने में आग लगा रखी है. बच्चे भारत का भविष्य हैं- उनको नफरत नहीं, हम सबको मिल कर मोहब्बत सिखानी है.

चौधरी जयंत का ट्वीट

रालोद अध्यक्ष जयंत चौधरी ने ट्वीट कर कहा कि मुजफ्फरनगर में स्कूल का वीडियो एक दर्दनाक चेतावनी है कि कैसे गहरी जड़ें जमा चुके धार्मिक विभाजन हाशिये पर पड़े अल्पसंख्यक समुदायों के ख़िलाफ़ हिंसा को भड़का सकते हैं. मुजफ्फरनगर के हमारे विधायक यह सुनिश्चित करेंगे कि यूपी पुलिस स्वत: मामला दर्ज करे और बच्चे की शिक्षा बाधित न हो.

रालोद प्रवक्ता का ट्वीट

रालोद प्रवक्ता रोहित अग्रवाल ने ट्वीट कर कहा कि नफ़रती टीचर तृप्ता त्यागी के विरुद्ध तहरीर दी जा रही है. कल सुबह सूरज की पहली किरण से पहले अगर इनको गिरफ्तार नहीं किया गया तो बड़े आंदोलन के लिए तैयार रहिए. बेसिक शिक्षा अधिकारी ने भी स्कूल के ख़िलाफ़ जांच कर कार्रवाई का आदेश दिया क्योंकि स्कूल बिना अनुमति के घर में चल रहा था. राष्ट्रीय लोक दल भाईचारा चाहता है. इस तरीके की घटनाओं से बच्चों के मानसिक अवसाद उत्पन्न होगा जो की घातक है.

इसके जिम्मेदार योगी और उनकी नफरती सोच- ओवैसी

AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने वीडियो ट्वीट कर कहा कि यह वीडियो यूपी का है. टीचर एक मुसलमान बच्चे को क्लास के बाकी बच्चों से पिटवा रही है. इस पर फख्र भी कर रही है. बच्चे के पिता ने उसे स्कूल से निकाल लिया और लिखित में दे दिया की वह कोई कार्रवाई नहीं करवाएंगे. पिता का मानना है कि उन्हें इंसाफ की कोई उम्मीद नहीं है.

उन्हें डर है के “माहौल” खराब हो जाएगा. “जो अपराध करेगा, उसको ठोक दिया जाएगा”, ये आपकी नीति है ना? तो अब ऐसा क्यों के पुलिस इस टीचर को जाने दे रही है? इस बच्चे के साथ जो हुआ है, उसके जिम्मेदार योगी आदित्यनाथ और उनकी नफरती सोच है. इस मुजरिम को शायद आप लखनऊ बुलवाकर पुरस्कार से नवाजेंगे.

शिक्षिका की गिरफ्तारी की मांग

सोशल मीडिया पर शिक्षिका की गिरफ्तारी की मांग उठ रही है. रालोद, कांग्रेस और अन्य राजनीतिक दलों के नेताओं ने शिक्षिका के कृत्य की निंदा की. गिरफ्तारी के लिए अभियान छेड़ा गया है.

वीडियो को काटकर दिखाया गया

खुब्बापुर प्रधान मनोज कुमार का कहना है कि शिक्षिका दिव्यांग है, जो बच्चों से पहाड़े सुनने के समय खड़ी नहीं हो पाई थी और उसने दूसरे बच्चे से पीड़ित बच्चे को चांटे लगवा दिए. बच्चे के परिवार के ही सदस्य ने यह वीडियो बनाई है, जिसका कुछ भाग काट दिया गया है.

आरोपी शिक्षिका के पारिवारिक सदस्य विष्णु का कहना है कि शिक्षिका दिव्यांग है. जब वह बच्चों से चांटे लगवा रही थी तो पीड़ित बच्चे का पारिवारिक सदस्य भी वहां पर मौजूद था. पूर्व प्रधान दुष्यंत त्यागी का कहना हैं कि शिक्षिका की कोई गलत भावना नहीं थी. शिक्षिका बच्चों के सुधार के लिए ही कर रही थी. उस समय बच्चे का परिजन भी वहां मौजूद था.

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लेखक के बारे में

Author: Sandeep kumar

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