बलिया में ग्रामीण कनेक्शन को शहरी बताकर जेई ने लगाया जुर्माना, FIR की धमकी देते हुए काट दिया बिजली का तार

बलिया में ग्रामीण कनेक्शन को शहरी बताकर जेई ने साढ़े नौ हजार रुपये से अधिक का जुर्माना लगा दिया है. जबकि ग्रमीण से शहरीकरण कब किया गया है, इसकी जानकारी बिजली विभाग के द्वारा उपभोक्ताओं को नहीं दी गयी है.

बलिया. उत्तर प्रदेश के बलिया में बिजली विभाग के कर्मचारी और अधिकारी उपभोक्ताओं को गुमराह करते हुए रुपये की वसूली कर रहे है. इतना ही नहीं, बिजली विभाग के कर्मचारियों द्वारा किसी उपभोक्ता से शहरी कनेक्शन को ग्रामीण तो किसी से ग्रामीण को शहरी बताकर जुर्माना भी ठोक रहे है. यह पहला मामला नहीं है. इसी तरह का एक मामला बलिया जिले के हनुमानगंज में देखने को मिला है. जहां पर उपभोक्ता हीरा लाल वर्मा के साथ हुआ है. जानकारी के अनुसार हीरा लाल वर्मा के घर शनिवार को बिजली विभाग के जेई प्रवीण यादव और कर्मचारी पहुंच गए. इसके बाद बिजली विभाग के कर्मचारियों द्वारा हीरा लाल वर्मा के घर का बिजली का तार काट दिया गया. जबकि इनका बिजली बिल जमा है.

जेई की मनमानी आई सामने

जब जेई से पूछा गया कि बिजली बिल जमा होने के बाद भी आपने तार क्यों काटा गया. इसके बाद जेई द्वारा FIR की धमकी दी जाने लगी. जेई का कहना था कि आपका ग्रामीण कनेक्शन है, जबकि शहरी होना चाहिए. इसलिए FIR भी किया जाएगा और जुर्माना भी लेगेगा. इसके बाद जेई ने उपभोक्ता हीरा लाल वर्मा पर 9556 रुपए का जुर्माना लगा दिया. पीड़ित ने इस मामले की शिकायत अधीक्षण अभियंता से की है. पीड़ित ने अधीक्षण अभियंता से शिकायत कर दोषी बिजलीकर्मियों पर कठोर से कठोर कार्रवाई करने की मांग की है. आवेदक हीरा लाल वर्मा ने बताया कि बिजली बिल कनेक्शन लगभग 20 साल पहले लिया गया है.

अवैध वसूली के लिए महिलाओं को दी गयी FIR की धमकी

इसके बाद नियमित रूप से बिजली बिल जमा हो रहा है. कोई बिल का भुगतान अभी तक बाकी नहीं है. ग्रामीण से कब शहरी किया गया इसकी जानकारी मुझे बिजली विभाग के द्वारा कभी नहीं दी गयी है. बीते दिन बिजली विभाग से जेई की उपस्थिती में क्षेत्रिय लाइनमैन द्वारा हमारे घर से बिजली का तार काट दिया गया. बिजली का तार काटने से पहले हमें किसी प्रकार की कोई सूचना तक नहीं दी गयी. पीड़ित ने यह भी आरोप लगया कि जेई द्वारा जब इस तरह की कार्रवाई की गयी तो उस समय हमारे घर कोई पुरुष व्यक्ति मौजूद नहीं था. जब बिजली काटने से संबंधित जानकारी घर की महिलाएं जाननी चाही तो बिजलीकर्मियों द्वरा बतमीजी से बात की गयी. इसके साथ ही FIR करने की धमकी भी दी गई.

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बिजली कनेक्शन काटने के नियम

  • लाइसेंसधारी यह सुनिश्चित करेगा कि उपभोक्ता को नोटिस जारी किया गया है.

  • नोटिस में लाइसेंसधारी द्वारा कारण और संभावित कार्रवाई का उल्लेख होना चाहिए.

  • नोटिस में उपभोक्ता से संपर्क करने का अनुरोध करने वाला एक खंड शामिल होना चाहिए.

  • नोटिस पंजीकृत डाक द्वारा, पोस्टिंग प्रमाण पत्र के तहत, कुरियर या अन्य समान साधन द्वारा भेजा जाना चाहिए.

  • नोटिस उपभोक्ताओं के पास रहने वाले व्यक्ति को भी सौंपा जा सकता है.

  • लाइसेंसधारी परिसर के विशिष्ट भाग पर भी बिजली कनेक्शन काटने का नोटिस लगा सकता है.

  • नोटिस में निर्दिष्ट किया जाएगा कि उपभोक्ता ने नियत तारीख तक बिल के भुगतान में चूक की है.

  • नोटिस में उपभोक्ता को सूचित किया जाना चाहिए कि देय राशि का भुगतान करने में विफलता लाइसेंसधारी को सेवा की आपूर्ति को डिस्कनेक्ट करने या प्रतिबंधित करने का अधिकार देगा.

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लेखक के बारे में

राधेश्याम कुशवाहा ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से MJ (मास्टर ऑफ जर्नलिज्म) की शिक्षा प्राप्त करने के बाद अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत भोपाल से प्रकाशित राज एक्सप्रेस समाचार पत्र से की. इसके बाद उन्होंने समय जगत, राजस्थान पत्रिका और हिंदुस्तान जैसे प्रतिष्ठित समाचार संस्थानों में अपनी सेवाएं दीं. वर्तमान में वे प्रभात खबर के डिजिटल विभाग में धर्म, अध्यात्म एवं राशिफल डेस्क पर कार्यरत हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में 13 वर्षों का अनुभव रखने वाले राधेश्याम कुशवाहा को ज्योतिष शास्त्र, पंचांग गणना, ग्रह गोचर, नक्षत्र परिवर्तन, व्रत-त्योहारों की तिथियों तथा शुभ मुहूर्तों का गहन ज्ञान है. अपनी विशेषज्ञता के आधार पर वे धर्म-अध्यात्म और राशिफल से जुड़ी सटीक, तथ्यपरक एवं विश्वसनीय खबरें लिखते हैं. धार्मिक ग्रंथों के अध्ययन में उनकी विशेष रुचि है. इसके अलावा राजनीति, अपराध और प्रेरणादायक (पॉजिटिव) विषयों पर लेखन में भी उनकी गहरी रुचि है.

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