नयी दिल्ली : उत्तर प्रदेश चुनाव में कांग्रेस की नैया पार लगाने में जुटे प्रशांत किशोर से पार्टी नाता तोड़ सकती है. सूत्रों के हवाले से ऐसी खबरें आ रही हैं कि कांग्रेस प्रशांत किशोर की छुट्टी कर सकती है. यूपी चुनाव को लेकर रणनीति तय करने के लिए कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक चल रही है. इस बैठक की अध्यक्षता कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी कर रहे हैं. कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी खराब स्वास्थ्य के कारण इस बैठक में शामिल नहीं हो पायीं हैं. कांग्रेस कार्यकारिणी की बैठक में राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर जमकर हमला बोला, उन्होंने कहा : वर्तमान व्यवस्था में लोकतंत्र अपने सबसे खराब दौर में से एक से गुजर रहा है.
सरकार द्वारा सत्ता का दुरुपयोग करके आजादी के दमन के प्रयास हो रहे हैं. लेकिन हम ऐसे खतरनाक षडयंत्रों को कामयाब नहीं होने देने के हमारे इरादों को और भी पक्का करेंगे.
टीवी चैनलों को ‘‘दंडित’ कर बंद करने को कहा जा रहा है और सरकार को जवाबदेह ठहराने के लिए विपक्ष की‘‘घेराबंदी’ की जा रही है. कांग्रेस कार्यकारिणी में राहुल ने कहा, मोदी सरकार को सत्ता का नशा हो गया है. असहमति रखने वाले सभी लोगों को वह चुप करा देना चाहती है.
गौरतलब है कि प्रशांत किशोर जो यूपी चुनाव में कांग्रेस के रणनीतिकार हैं, वे यह चाहते हैं कि कांग्रेस को जीत दिलाने के लिए प्रियंका गांधी चुनाव प्रचार में प्रमुख भूमिका निभायें और सोनियां गांधी बीच-बीच में अपनी उपस्थिति दर्ज करायें. लेकिन पार्टी ने प्रशांत किशोर के इस प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया है. हालांकि कुछ दिनों पहले प्रियंका गांधी कांग्रेस की उत्तर प्रदेश से संबंधित बैठक में शामिल हुईं थीं, लेकिन पार्टी फिलहाल उन्हें चुनाव प्रचार में नहीं उतारना चाहती है और राहुल गांधी ही उनके प्रमुख प्रचारकर होंगे.
राहुल गांधी ने प्रदेश में एक महीने तक देवरिया से दिल्ली तक की यात्रा निकाली थी और उनकी खाट सभा काफी चर्चित भी रही थी. लेकिन अब पार्टी प्रशांत किशोर से ही किनारा करती नजर आ रही है. हालांकि प्रशांत सपा के साथ गठबंधन करने में भी जुटे दिख रहे थे और उन्होंने इस मुद्दे को लेकर मुलायम सिंह से भेंट की थी.
