लखनऊ: सरकारी स्कूलों में बच्चों को परोसे जाने वाले मध्यान्न भोजन में गड़बड़ी की शिकायत कोई नई नहीं है. कभी छात्रों को दाल के नाम पर हल्दी घुला पानी दे दिया जाता है तो कभी केवल नमक और रोटी परोस दी जाती है. कभी-कभी मेन्यू चार्ट होने के बावजूद सप्ताह भर केवल खिचड़ी परोसी जाती है. मध्यान्न भोजन खाकर बच्चों के बीमार होने की सैकड़ों खबरे आपको अखबारों में मिल जाएगी. हर बात कार्रवाई की बात कही जाती है लेकिन हालात वही ‘ढाक के तीन पात’ वाले ही हैं.
एक लीटर दूध में मिलाया बाल्टी भर पानी
ताजा मामला उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिला स्थित कोटा गांव के सलाई बनवा प्राथमिक विद्यालय का है. आरोप है कि इस स्कूल में 01 लीटर दूध में एक बाल्टी पानी मिलाकर तकरीबन 85 बच्चों को परोसा गया. इस वाकये का वीडियो और फोटो सोशल मीडिया में वायरल हुआ तब प्रशासनिक अमला हरकत में आया. फिलहाल घटना के जांच का आदेश दे दिया गया है. सोनभद्र के असिस्टेंट बेसिक शिक्षा अधिकारी का कहना है कि मामले की जांच जारी है. दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.
अधिकारी ने दिया है जांच का आदेश
मीडिया से बातचीत में सोनभद्र के असिस्टेंट बेसिक शिक्षा अधिकारी का कहना है कि मैंने स्कूल प्रशासन से पूछताछ की. मुझे बताया गया कि दूध पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध नहीं था इसलिए कहा गया था कि संतुलित मात्रा मेें पानी मिलाकर बच्चों को परोसा जाए. ये भी जानकारी मिली है कि शिक्षक दूध लेने गए थे,लेकिन इसी बीच किसी ने तस्वीरें खींच ली और उन्हें वायरल कर दिया गया.
