UP News: दहेज प्रथा जैसी सामाजिक कुरीति के खिलाफ चल रहे अभियान को नई दिशा देने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में एक ऐतिहासिक सामूहिक विवाह समारोह का आयोजन होने जा रहा है. आगामी 30 अक्टूबर 2026 को मान्यवर श्री कांशीराम सांस्कृतिक स्थल, लखनऊ में 51 हजार जोड़ों का विशाल सामूहिक विवाह समारोह प्रस्तावित है. इस आयोजन को लेकर राष्ट्र संघ विश्व शांति मिशन के संस्थापक निदेशक सुरेंद्र कुमार गुप्ता ने झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार से शिष्टाचार भेंट की और उन्हें समारोह में शामिल होने का निमंत्रण दिया. मुलाकात के दौरान उन्होंने राज्यपाल को आयोजन की पूरी रूपरेखा और इसके सामाजिक उद्देश्यों से अवगत कराया.
दहेज मुक्त समाज का संदेश देने की पहल
सुरेंद्र कुमार गुप्ता ने बताया कि यह सामूहिक विवाह समारोह पूरी तरह दहेज मुक्त होगा. आयोजन का उद्देश्य समाज में दहेज प्रथा के खिलाफ जागरूकता फैलाना और जरूरतमंद परिवारों को सम्मानजनक तरीके से विवाह का अवसर उपलब्ध कराना है. उन्होंने कहा कि 51 हजार जोड़ों का एक साथ विवाह केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि सामाजिक बदलाव की दिशा में एक बड़ा कदम होगा. यह कार्यक्रम विश्व रिकॉर्ड बनाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण प्रयास साबित हो सकता है.
बलिया में 2000 जोड़ों के विवाह से शुरू हुई मुहिम
राष्ट्र संघ विश्व शांति मिशन पहले भी बड़े स्तर पर सामूहिक विवाह का आयोजन कर चुका है. वर्ष 2025 में बागी बलिया की धरती पर 2000 जोड़ों का सामूहिक विवाह आयोजित कर संस्था ने सामाजिक क्षेत्र में एक मिसाल पेश की थी. अब उसी संकल्प को आगे बढ़ाते हुए संस्था ने लखनऊ में 51 हजार जोड़ों के विवाह का लक्ष्य रखा है. आयोजकों का कहना है कि इस पहल के माध्यम से समाज में दहेज रहित विवाह को बढ़ावा मिलेगा और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को बड़ी राहत मिलेगी.
राज्यपाल को दी आयोजन की जानकारी
शिष्टाचार मुलाकात के दौरान सुरेंद्र कुमार गुप्ता ने राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार को बताया कि 30 अक्टूबर 2026 को होने वाला यह आयोजन देशभर में सामाजिक एकता और समानता का संदेश देगा. उन्होंने राज्यपाल से समारोह में शामिल होकर इस सामाजिक अभियान को अपना आशीर्वाद देने का आग्रह किया.
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