इटावा बवाल के पीछे क्या अखिलेश की चाल? केशव मौर्य ने किया सनसनीखेज खुलासा!

Keshav Prasad Maurya: उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने इटावा घटना को लेकर अखिलेश यादव पर जातिवाद फैलाने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि सपा नेता समाज को ब्राह्मण-यादव में बांटने की कोशिश कर रहे हैं. कानपुर में संविधान जागरूकता कार्यक्रम में मौर्य ने युवाओं को लोकतंत्र की भागीदारी बढ़ाने का संदेश दिया.

Keshav Prasad Maurya: डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव पर बड़ा आरोप लगाते हुए कहा कि इटावा की घटना को जातीय रंग देना एक सोची-समझी साजिश है. उन्होंने कहा कि अखिलेश इस मामले को ब्राह्मण बनाम यादव की लड़ाई के रूप में प्रचारित कर समाज में जातिवाद फैलाने की कोशिश कर रहे हैं. यह केवल राजनीतिक लाभ लेने का प्रयास है, जिससे सामाजिक सौहार्द को खतरा है. मौर्य ने दो टूक कहा कि भाजपा ऐसी किसी भी कोशिश को बर्दाश्त नहीं करेगी.

दूध में नींबू डालने जैसा व्यवहार

केशव मौर्य ने अखिलेश यादव की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि उनका रवैया ऐसा है जैसे किसी शांत दूध में नींबू डाल दिया गया हो. उन्होंने इटावा की घटना को लेकर भागवत कथावाचकों को पार्टी कार्यालय बुलाकर उन्हें एक जाति विशेष से जोड़ते हुए जो सम्मान किया, वह न केवल अनुचित है बल्कि समाज को बांटने वाला कृत्य है. यह राजनीति का स्तर गिराने वाला और सामाजिक एकता को खंडित करने वाला व्यवहार है, जो किसी भी जिम्मेदार नेता को शोभा नहीं देता.

सत्ता से दूर हो चुके हैं अखिलेश

केशव मौर्य ने कहा कि अखिलेश यादव अब राजनीति में समाप्त वादी नेता बन चुके हैं. वे 2012 से 2017 तक मुख्यमंत्री रहे और अब जनता ने उन्हें सत्ता से दूर कर दिया है. उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि अखिलेश अब केवल मुलायम सिंह यादव के वंशज होने का लाभ उठा रहे हैं, लेकिन उनकी नीतियों और कार्यशैली ने समाजवादी मूल्यों को कमजोर किया है. मौर्य ने यहां तक कह दिया कि आज के अखिलेश, असली समाजवादियों के सिद्धांतों से कोसों दूर हैं और कांग्रेस के राहुल गांधी की गोद में बैठे हैं.

संविधान जागरूकता कार्यक्रम में बोले मौर्य

कानपुर के छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय में आयोजित भारतीय संविधान जागरूकता प्रदर्शनी और मॉक पार्लियामेंट कार्यक्रम में डिप्टी सीएम ने युवाओं को संबोधित किया. उन्होंने लोकतंत्र सेनानियों को सम्मानित करते हुए कहा कि संविधान के प्रति जागरूकता सिर्फ एक जानकारी नहीं, बल्कि एक जिम्मेदारी है जिसे हर युवा को समझना चाहिए. कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं में लोकतांत्रिक मूल्यों की समझ और भागीदारी को बढ़ाना था.

युवाओं से ही देश की दिशा बदलती है

अपने भाषण में केशव मौर्य ने युवाओं की शक्ति को रेखांकित करते हुए कहा कि जब युवा राष्ट्र निर्माण के लिए चिंतन करते हैं, तो देश की दिशा और दशा दोनों बदल जाती हैं. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में लोकतंत्र एक जनआंदोलन का रूप ले चुका है, जिसमें युवाओं की जागरूकता और भागीदारी निर्णायक सिद्ध हो रही है. उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि वे अपने अधिकारों और कर्तव्यों को समझें और राष्ट्र निर्माण में योगदान दें.

प्रमुख नेता भी रहे मौजूद

इस कार्यक्रम में भारतीय जनता पार्टी के कई वरिष्ठ नेता और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे. क्षेत्रीय अध्यक्ष प्रकाश पाल, कानपुर के सांसद रमेश अवस्थी, महापौर प्रमिला पाण्डेय, विधायक व पूर्व मंत्री नीलिमा कटियार, विधायक महेश त्रिवेदी, राहुल बच्चा सोनकर, भाजपा जिलाध्यक्ष अनिल दीक्षित, उमेश पासवान, पूर्व प्रदेश मंत्री सुरेश अवस्थी और अन्य कई पदाधिकारी व कार्यकर्ता कार्यक्रम में शरीक हुए. इन सबकी मौजूदगी ने कार्यक्रम को राजनीतिक और सामाजिक दृष्टि से महत्वपूर्ण बना दिया.

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Author: Abhishek Singh

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