Kashi Krishna Janmashtami : काशी में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी को लेकर भक्ति का रंग गहराने लगा है. मंदिरों में तैयारियां अंतिम दौर में हैं. इस बार कान्हा का जन्मोत्सव देश-विदेश के भक्तों की मौजूदगी में खास होगा. अमेरिका, इंग्लैंड, ऑस्ट्रेलिया और स्विट्जरलैंड समेत चार देशों से श्रद्धालु काशी पहुंचेंगे. वहीं, देश के 10 से अधिक राज्यों से भी कृष्ण भक्त उत्सव में शामिल होंगे.
छह दिन तक चलेगा श्रीकृष्ण उत्सव
काशी के गोपाल मंदिर, इस्कॉन मंदिर दुर्गाकुंड और माहेश्वरी भवन महमूरगंज में जन्माष्टमी का आयोजन बड़े स्तर पर होगा. गोपाल मंदिर में बुधवार से ही श्रीकृष्ण उत्सव शुरू हो जाएगा. इस्कॉन मंदिर और हरे कृष्ण हरे राम संकीर्तन सोसाइटी का आयोजन तीन सितंबर से शुरू होगा. अलग-अलग मंदिरों में भजन, कीर्तन, अभिषेक और विशेष पूजन होंगे.
विदेशों से भी पहुंचेंगे कृष्ण भक्त
गोपाल मंदिर में सेवा और पूजा के लिए अमेरिका, इंग्लैंड, ऑस्ट्रेलिया और स्विट्जरलैंड से श्रद्धालु आएंगे. उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, हरियाणा, दिल्ली, गुजरात, महाराष्ट्र और राजस्थान समेत कई राज्यों से भी भक्त काशी पहुंचेंगे. वृंदावन और मथुरा से भक्तों का जत्था भी आने वाला है. गोपाल मंदिर में गोपाललाल, मुकुंद राय और गोपीनाथ का विशेष पूजन होगा. मंदिर में राग-भोग की तैयारियां भी शुरू हो गई हैं.
21 महिलाएं करेंगी ब्रह्म संहिता का पाठ
हरे कृष्ण हरे राम संकीर्तन सोसाइटी का तीन दिवसीय श्रीकृष्ण प्राकट्य महोत्सव तीन सितंबर से शुरू होगा. इसकी शुरुआत सुबह सात बजे शोभायात्रा से होगी. अन्नपूर्णा नगर कॉलोनी से निकलकर यात्रा माहेश्वरी भवन पहुंचेगी. शाम को हरे कृष्ण महामंत्र का संकीर्तन, तुलसी आरती, भजन संध्या और सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे. चार सितंबर को लड्डू गोपाल का पंचामृत अभिषेक किया जाएगा. 21 महिलाएं श्रीब्रह्म संहिता का पाठ करेंगी.
रात को महाआरती, 108 व्यंजनों का भोग
जन्माष्टमी की रात मंदिर में भक्ति चरम पर होगी. रात 12 बजे महाआरती और संकीर्तन के बीच भगवान श्रीकृष्ण को 108 व्यंजनों का भोग लगाया जाएगा. श्री राधा गोविंद देव, श्री जगन्नाथ, बलदेव और सुभद्रा के विग्रहों का विशेष शृंगार होगा. पांच सितंबर को श्रील प्रभुपाद का आविर्भाव दिवस मनाया जाएगा. शाम को नंदोत्सव के साथ उत्सव का उल्लास और बढ़ेगा.
