12वीं पास छात्रों ने रच दिया 403 करोड़ का खेल, झांसी से चीन तक फैलाया था नेटवर्क

UP Cyber Crime News: उत्तर प्रदेश के झांसी में पुलिस ने 403 करोड़ रुपये के एक बड़े साइबर फ्रॉड नेटवर्क का पर्दाफाश किया है. चौंकाने वाली बात यह है कि इस नेटवर्क में 12वीं पास और ग्रेजुएट छात्र शामिल पाए गए हैं, जिन्हें गिरफ्तार किया गया है. पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है.

UP Cyber Crime News: उत्तर प्रदेश के झांसी में पुलिस ने एक बड़े कथित साइबर फ्रॉड नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है. पुलिस के मुताबिक, इस नेटवर्क से जुड़े लोगों पर अब तक करीब 403 करोड़ रुपये के संदिग्ध साइबर लेन-देन में शामिल होने का आरोप है. चौंकाने वाली बात यह है कि गिरफ्तार आरोपियों में 12वीं पास और ग्रेजुएशन कर चुके छात्र बताए जा रहे हैं. मामले में तीन अन्य संदिग्धों की तलाश जारी है.

56 बैंक खातों से चल रहा था पूरा नेटवर्क

सहायक पुलिस अधीक्षक अरीबा नोमान के अनुसार, कथित साइबर रैकेट करीब 56 बैंक खातों का इस्तेमाल कर रहा था. इन खातों के संबंध में देश के अलग-अलग हिस्सों से कुल 325 शिकायतें मिलने की जानकारी सामने आई है. पुलिस अब खातों और उनसे जुड़े वित्तीय लेन-देन की विस्तृत जांच कर रही है. शुरुआती जांच में सामने आए आंकड़ों के अनुसार, नेटवर्क के जरिए करीब 403 करोड़ रुपये के लेन-देन की बात सामने आई है.

ठगी की रकम को USDT में बदलने का आरोप

पुलिस का आरोप है कि साइबर ठगी से हासिल की गई रकम को बैंक खातों में फ्रीज होने से बचाने के लिए आरोपी उसे क्रिप्टोकरेंसी USDT में बदल देते थे. इसके बाद रकम को कथित तौर पर विदेश में बैठे हैंडलर्स तक पहुंचाया जाता था. जांच एजेंसियां अब इस नेटवर्क के अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन की पड़ताल कर रही हैं. पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक जांच में चीनी हैंडलर्स से जुड़े संभावित लिंक की भी जानकारी मिली है.

प्रेमनगर पुलिस की कार्रवाई, तीन आरोपी अभी फरार

झांसी के प्रेमनगर थाना क्षेत्र में हुई कार्रवाई के दौरान पुलिस ने छह आरोपियों को गिरफ्तार किया, जबकि तीन अन्य संदिग्ध मौके से फरार होने में सफल रहे. पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के पास से सात मोबाइल फोन और लेन-देन से जुड़े हिसाब-किताब के रजिस्टर बरामद किए हैं. बरामद इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और दस्तावेजों की जांच की जा रही है. पुलिस का कहना है कि पूछताछ के आधार पर नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और खातों की भी पहचान की जा रही है.

छात्रों की संलिप्तता ने बढ़ाई जांच की गंभीरता

इस मामले का सबसे चौंकाने वाला पहलू यह है कि पुलिस के अनुसार गिरफ्तार किए गए आरोपी पढ़ाई कर रहे या शिक्षा पूरी कर चुके युवा हैं. 12वीं पास और ग्रेजुएट युवकों की कथित तौर पर इतने बड़े साइबर नेटवर्क में संलिप्तता ने जांच को और गंभीर बना दिया है. पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि युवकों को इस नेटवर्क से किसने जोड़ा, कौन उन्हें निर्देश देता था और कथित साइबर ठगी की रकम का अंतिम लाभार्थी कौन था.

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By नटवर कुमार

नटवर कुमार पत्रकारिता के क्षेत्र में दो वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले पत्रकार हैं.वे ग्राउंड रिपोर्टिंग और जनहित से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से कवर करते हैं. राजनीतिक घटनाक्रम, स्थानीय समस्याओं, प्रशासनिक गतिविधियों, अपराध, सामाजिक मुद्दों और आम लोगों से जुड़े विषयों पर उनकी विशेष रुचि है. उनका प्रयास खबरों को तथ्यात्मक, स्पष्ट और पाठकों के लिए उपयोगी तरीके से प्रस्तुत करना रहता है.नटवर कुमार ने इतिहास में मास्टर ऑफ आर्ट्स (M.A. History) और मास्टर इन जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (MJMC) की पढ़ाई पटना से की है. इतिहास और पत्रकारिता में उनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि उन्हें घटनाओं को व्यापक संदर्भ में समझने और प्रभावी तरीके से प्रस्तुत करने में मदद करती है.इस दौरान उन्होंने दूरदर्शन पटना में भी समय दिया है. नटवर कुमार मूल रूप से बिहार के दिनकर की भूमि बेगूसराय जिले के रहने वाले हैं.

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