UP IGRS News: उत्तर प्रदेश में IGRS (इंटीग्रेटेड ग्रीवांस रिड्रेसल सिस्टम) पर आने वाली शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही अब अधिकारियों पर भारी पड़ सकती है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की नाराजगी के बाद प्रशासन ने शिकायतों के निस्तारण को लेकर सख्त रुख अपनाया है. नकारात्मक फीडबैक मिलने के बाद शासन स्तर से पांच अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश की गई है. शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही और फरियादियों से मिले नकारात्मक फीडबैक को गंभीरता से लिया गया है, जिन अधिकारियों के काम को लेकर शिकायतकर्ताओं की प्रतिक्रिया संतोषजनक नहीं रही, उनके खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है. बताया जा रहा है कि कार्रवाई की सिफारिश के दायरे में सीएमओ, जल निगम ग्रामीण, लोक निर्माण विभाग के एक्सईएन, बीएसए, कृषि उपनिदेशक और दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के एक्सईएन समेत अधिकारी शामिल हैं. हालांकि, अधिकारियों के पदों की अंतिम सूची और कार्रवाई का स्वरूप शासन स्तर से तय किया जाएगा.
नकारात्मक फीडबैक को बनाया आधार
सरकार IGRS पर दर्ज शिकायतों के निस्तारण के बाद मिलने वाले फीडबैक को लगातार मॉनिटर कर रही है. शिकायतकर्ता अगर निस्तारण से संतुष्ट नहीं है और नकारात्मक प्रतिक्रिया देता है, तो संबंधित अधिकारी की कार्यप्रणाली की समीक्षा की जा रही है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी IGRS शिकायतों के निस्तारण में किसी तरह की लापरवाही नहीं बरतने के निर्देश दिए हैं. सरकार का जोर इस बात पर है कि शिकायत सिर्फ पोर्टल पर निस्तारित दिखाने के बजाय फरियादी की समस्या का वास्तविक समाधान किया जाए.
अधिकारियों को सख्त संदेश
पांच अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश के बाद प्रशासन ने साफ संदेश दिया है कि जनशिकायतों के निस्तारण में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. अधिकारियों को अपने कामकाज में सुधार करने और शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए जा रहे हैं. प्रशासन की इस कार्रवाई से उन अधिकारियों पर भी दबाव बढ़ेगा, जो IGRS शिकायतों को महज औपचारिकता के तौर पर निस्तारित कर रहे हैं. सरकार अब निस्तारण की गुणवत्ता और शिकायतकर्ता के फीडबैक को भी कार्रवाई का आधार बना रही है.
सीएम योगी की नाराजगी के बाद बढ़ी सख्ती
IGRS के जरिए आम लोगों को सरकारी विभागों और अधिकारियों से जुड़ी शिकायतों के समाधान का प्लेटफॉर्म मिलता है. ऐसे में मुख्यमंत्री की नाराजगी के बाद शासन ने शिकायतों की निगरानी और अधिकारियों की जवाबदेही को लेकर सख्ती बढ़ाई है. नकारात्मक फीडबैक मिलने के बाद पांच अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश इसी सख्त रुख का हिस्सा मानी जा रही है. आने वाले दिनों में शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही करने वाले अन्य अधिकारियों पर भी कार्रवाई हो सकती है.
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