UP News: उत्तर प्रदेश के जालौन जिले में तैनात IAS अधिकारी रिंकू सिंह राही एक बार फिर चर्चा में हैं. उरई तहसील में SDM न्यायिक के पद पर तैनात राही ने सोशल मीडिया पर एक लंबी पोस्ट लिखकर उत्तर प्रदेश कैडर से बाहर जाने की इच्छा जाहिर की है. उन्होंने कहा कि मौजूदा नौकरशाही संस्कृति उनके लिए अनुकूल नहीं है. राही के मुताबिक, वह ऐसे संस्थागत माहौल में काम करना चाहते हैं, जहां अपने उद्देश्यों के अनुरूप सकारात्मक बदलाव लाने का बेहतर अवसर मिल सके.
भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने से मिली पहचान
रिंकू सिंह राही का प्रशासनिक सफर भी काफी चर्चित रहा है. उन्होंने वर्ष 2008 में यूपी पीसीएस परीक्षा पास कर प्रशासनिक सेवा में कदम रखा था. जिला समाज कल्याण अधिकारी के तौर पर काम करते हुए उन्होंने सरकारी योजनाओं में कथित अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाई. इसी दौरान वर्ष 2009 में उन पर जानलेवा हमला हुआ था, जिसमें उन्हें कई गोलियां लगी थीं. इसके बावजूद उन्होंने अपनी सेवा जारी रखी और बाद में संघ लोक सेवा आयोग की परीक्षा पास कर IAS अधिकारी बने.
पोस्टिंग और कार्यशैली को लेकर भी रहे चर्चा में
IAS बनने के बाद रिंकू सिंह राही की शुरुआती प्रमुख फील्ड पोस्टिंग मथुरा में सहायक मजिस्ट्रेट के तौर पर हुई. इसके बाद जुलाई 2025 में उन्हें शाहजहांपुर में SDM की जिम्मेदारी मिली, लेकिन वकीलों से जुड़े विवाद का वीडियो सामने आने के बाद उन्हें राजस्व परिषद से संबद्ध कर दिया गया. मार्च 2026 में उन्होंने पोस्टिंग और जिम्मेदारी को लेकर इस्तीफे की पेशकश की थी, जिसे बाद में वापस ले लिया. इसके बाद उन्हें जालौन में संयुक्त मजिस्ट्रेट और फिर उरई में SDM न्यायिक की जिम्मेदारी दी गई.
संस्थागत व्यवस्था को लेकर उठाए सवाल
रिंकू सिंह राही ने अपने एक्स हैंडल पर उत्तर प्रदेश की नौकरशाही व्यवस्था को लेकर कई सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि जिन उद्देश्यों को लेकर उन्होंने IAS बनने का निर्णय लिया था, उन पर काम करने के लिए उन्हें अपेक्षित संस्थागत वातावरण नहीं मिल पा रहा है. उनका कहना है कि संवैधानिक व्यवस्था के अनुरूप निचले स्तर तक प्रभावी तरीके से काम करना मौजूदा व्यवस्था में चुनौतीपूर्ण हो गया है. उन्होंने अपनी पोस्ट में व्यवस्था में बदलाव की कोशिश करने वाले अधिकारियों के सामने आने वाली मुश्किलों का भी जिक्र किया.
भ्रष्ट व्यवस्था और विरोध करने वालों पर टिप्पणी
अपनी पोस्ट में राही ने व्यवस्था में कथित तौर पर रचे-बसे भ्रष्टाचार और ऐसे नौकरशाहों पर भी निशाना साधा, जो बदलाव की कोशिशों में बाधा बनते हैं. उन्होंने कहा कि व्यवस्था को बेहतर बनाने की कोशिश करने वाले अधिकारियों को कई बार स्वतंत्र रूप से काम करने का अवसर नहीं मिलता. लगातार संघर्ष के कारण ऐसे अधिकारियों की छवि भी नकारात्मक बना दी जाती है. राही की इस पोस्ट के बाद एक बार फिर उनकी कार्यशैली और नौकरशाही को लेकर उनके विचार चर्चा का विषय बन गए हैं.
दूसरे कैडर में काम करने की जताई इच्छा
IAS रिंकू सिंह राही ने कहा कि देश और मानव हित के दृष्टिकोण से उनके लिए शायद किसी दूसरे राज्य या कैडर में काम करने का अवसर मिलना बेहतर होगा. वह यह भी परखना चाहते हैं कि अनुकूल संस्थागत वातावरण मिलने पर वह कितना सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं. उन्होंने पोस्ट के अंत में सवालिया अंदाज में कहा कि अब देखना है कि कौन सा राज्य या कैडर उन्हें यह अवसर देता है और कौन सा कैडर उनके कैडर ट्रांसफर के अनुरोध को स्वीकार करता है. राही 2023 बैच के IAS अधिकारी हैं और वर्तमान में जालौन के उरई में SDM न्यायिक के पद पर तैनात हैं.
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