UP News: कर्नाटक लोक सेवा आयोग (KPSC) की भर्ती प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं और भ्रष्टाचार की जांच अब आईएएस अधिकारी ज्ञानेंद्र कुमार गंगवार तक पहुंच गई है. प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने रविवार को ज्ञानेंद्र गंगवार के बेंगलुरु और उत्तर प्रदेश के बरेली स्थित परिसरों पर छापेमारी की. ईडी की यह कार्रवाई कथित मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामले की जांच के तहत की गई है.
बरेली के पैतृक घर पर भी पहुंची ED की टीम
बरेली के नवाबगंज क्षेत्र स्थित हिमकरपुर चमरुआ गांव में ज्ञानेंद्र गंगवार का पैतृक घर है. रविवार को ईडी की टीम कई वाहनों के साथ यहां पहुंची और जांच शुरू की. रिपोर्ट के मुताबिक देर शाम तक कार्रवाई जारी रही. अधिकारियों ने घर के अंदर जांच की और परिसर को जांच के दायरे में रखा.
बेंगलुरु के आवास पर भी तलाशी
ईडी की टीम ने बेंगलुरु के जयमहल इलाके में स्थित ज्ञानेंद्र गंगवार के निजी आवास पर भी तलाशी ली. अधिकारियों के साथ केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के जवान भी मौजूद थे. रिपोर्ट के मुताबिक जब टीम उनके फ्लैट पर पहुंची तो वह बंद मिला. अधिकारियों को बताया गया कि गंगवार उस समय घर पर मौजूद नहीं थे.
KPSC में परीक्षा नियंत्रक रह चुके हैं गंगवार
ज्ञानेंद्र कुमार गंगवार 2016 बैच के कर्नाटक कैडर के आईएएस अधिकारी हैं. वह कर्नाटक लोक सेवा आयोग में परीक्षा नियंत्रक के पद पर रह चुके हैं. इस वर्ष मार्च में उन्हें इस पद से हटा दिया गया था. वर्तमान में वह कर्नाटक के उद्योग एवं वाणिज्य विभाग में MSME निदेशक के पद पर तैनात बताए जा रहे हैं.
भर्ती प्रक्रिया में क्या है विवाद?
KPSC की भर्ती प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं और भ्रष्टाचार को लेकर जांच चल रही है. रिपोर्टों के मुताबिक कुछ भर्ती प्रक्रियाओं में अभ्यर्थियों से कथित तौर पर रिश्वत मांगने के आरोप भी सामने आए हैं. ईडी इसी मामले के मनी लॉन्ड्रिंग पहलू की जांच कर रही है. हालांकि, ज्ञानेंद्र गंगवार की व्यक्तिगत भूमिका को लेकर जांच अभी जारी है और किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी.
अचानक लापता होने की खबर से भी मचा था हड़कंप
छापेमारी से एक दिन पहले ज्ञानेंद्र गंगवार के कुछ समय के लिए संपर्क में नहीं होने की खबर सामने आई थी. इसके बाद उनके लापता होने को लेकर चर्चा तेज हो गई थी. हालांकि, कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियांक खरगे ने बाद में इन खबरों को स्पष्ट करते हुए कहा कि गंगवार पारिवारिक आपात स्थिति के कारण उत्तर प्रदेश गए थे. उन्होंने अधिकारी से बातचीत होने की बात भी कही थी.
18 अगस्त को भी हुई थी कार्रवाई
ईडी ने इस मामले में 18 अगस्त को भी तलाशी अभियान चलाया था. जांच के दायरे में KPSC का मुख्यालय और आयोग से जुड़े कुछ अन्य ठिकाने आए थे. अब ज्ञानेंद्र गंगवार के बेंगलुरु और बरेली स्थित परिसरों पर हुई कार्रवाई से मामले की जांच और गंभीर हो गई है.
फिलहाल जांच जारी है. ईडी की तलाशी में क्या-क्या दस्तावेज या इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य मिले हैं, इसकी आधिकारिक विस्तृत जानकारी सामने आना बाकी है. जांच आगे बढ़ने के साथ ही KPSC भर्ती विवाद में ज्ञानेंद्र गंगवार की भूमिका को लेकर तस्वीर और स्पष्ट होने की उम्मीद है.
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