UP News: ग्रेटर नोएडा में 6 साल की बच्ची के दुष्कर्म और हत्या की घटना पर समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने गहरी चिंता जताई है. उन्होंने कहा कि यह वारदात बेहद दर्दनाक और झकझोर देने वाली है, जिससे प्रदेशभर में बेटियों की सुरक्षा को लेकर परिवारों में डर का माहौल है. अखिलेश ने प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि अपराधियों में सत्ता का भय खत्म हो गया है. उन्होंने कहा कि सत्ता के संरक्षण में अपराध दबाए जा रहे हैं, जिससे अपराधियों के हौसले बढ़ रहे हैं. उन्होंने भाजपा सरकार पर भ्रष्टाचार और पुलिस व्यवस्था को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए. अखिलेश ने दावा किया कि कुछ भ्रष्ट पुलिसकर्मी अपराधियों से मिलीभगत कर अपराधों को संरक्षण दे रहे हैं. उन्होंने इस पूरे मामले को बेहद निंदनीय बताते हुए पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग की है.
CCTV फुटेज से सामने आया आरोपी का चेहरा
पुलिस ने बच्ची की तलाश के दौरान आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली. फुटेज में एक युवक बच्ची को बोरी में डालकर ले जाता दिखाई दिया. जांच आगे बढ़ी तो युवक की पहचान बलराज के रूप में हुई. कुछ CCTV फुटेज में आरोपी बच्ची को बहलाते-फुसलाते हुए भी नजर आया. पुलिस को बाद में बच्ची का शव गांव से करीब 2 किलोमीटर दूर एक खेत में मिला. शव उसी बोरी में था, जिसमें आरोपी बच्ची को लेकर गया था. पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में बच्ची के साथ दुष्कर्म किए जाने की पुष्टि हुई. इसके बाद पुलिस ने हत्या और रेप के मामले में आरोपी बलराज को गिरफ्तार कर लिया.
पूछताछ में कबूल किया जुर्म
बच्ची के परिवार की आरोपी से पहले से जान-पहचान थी. पुलिस के मुताबिक, बलराज हल्दोनी गांव में बच्ची के चाचा के घर किराए पर रहता था. इसी वजह से वह परिवार के लोगों को अच्छी तरह जानता था. पुलिस ने जब बलराज से पूछताछ की तो शुरुआत में उसने जांच को गुमराह करने की कोशिश की. लेकिन बाद में उसने अपना अपराध कबूल कर लिया. पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने बताया कि उसने बच्ची के साथ दुष्कर्म किया और फिर उसकी हत्या कर दी. इसके बाद शव को गांव से करीब 2 किलोमीटर दूर खेत में फेंक दिया.
पिस्टल बरामद करने गई पुलिस पर फायरिंग
पुलिस ने आरोपी की तलाश के लिए पांच टीमें बनाई थीं. शनिवार दोपहर पुलिस ने बलराज को गिरफ्तार कर लिया. पूछताछ के दौरान आरोपी ने पुलिस को बताया कि उसके पास एक पिस्टल है. पुलिस टीम जब आरोपी की बताई जगह पर पिस्टल बरामद करने पहुंची तो उसने कथित तौर पर उसी पिस्टल से पुलिस पर फायरिंग कर दी. पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की, जिसमें बलराज को गोली लगी. घायल आरोपी को तुरंत नोएडा के अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया.
परिवार को पहले से जानता था आरोपी
पुलिस के अनुसार, बच्ची के परिवार का आरोपी बलराज से परिचय था. बच्ची के चाचा के घर में वह किराए पर रहता था. परिवार के लोगों ने ही उसे पुलिस के हवाले किया था. बच्ची के पिता हलवाई का काम करते हैं. उनके एक बेटा और दो बेटियां हैं. सबसे छोटी बेटी घर के पास स्थित सरकारी स्कूल में पढ़ती थी. परिजनों का कहना है कि आरोपी ने जान-पहचान का फायदा उठाया. वह बच्ची को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया और बाद में वारदात को अंजाम दिया. पुलिस ने मामले में आरोपी को 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया था. बच्ची का शव मिलने और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट सामने आने के बाद मामले की गंभीरता और साफ हो गई थी. इसके बाद पिस्टल बरामदगी के दौरान हुई पुलिस मुठभेड़ में आरोपी बलराज की मौत हो गई.
Also Read: मंदाकिनी के उफान से मची तबाही, चित्रकूट पहुंचे CM मोहन यादव, बाढ़ पीड़ितों के बीच पहुंचकर जाना हाल
