UP News: उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में नाबालिग किशोरी को बंधक बनाकर सामूहिक दुष्कर्म और देह व्यापार के लिए विवश करने वाले संगठित सिंडिकेट के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है. नौकरी का झांसा देकर होटल और स्पा सेंटरों में नशीला पदार्थ देकर दरिंदगी कराने वाले गिरोह के 10 आरोपितों पर पुलिस ने गैंगस्टर एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया है. 17 दिनों तक लापता रही पीड़िता के मामले में पहले ही छह पुलिसकर्मियों को लापरवाही के आरोप में निलंबित किया जा चुका है, वहीं अब इस घिनौने रैकेट की रीढ़ तोड़ने के लिए पुलिस ने दबिश तेज कर दी है.
नौकरी का झांसा, फिर होटल और स्पा सेंटर में पहुंची किशोरी
गोरखनाथ थाना क्षेत्र की रहने वाली एक किशोरी बीते एक जनवरी को लापता हो गई थी. वह अपने इंस्टाग्राम फ्रेंड के साथ करीमनगर स्थित एक होटल पहुंची थी. आरोप है कि वहां उसके साथ दुष्कर्म किया गया. इसके बाद उसका दोस्त मौका पाकर वहां से भाग निकला. आरोप है कि होटल मालिक अभय सिंह उर्फ धीरेंद्र सिंह और मैनेजर आदर्श पांडेय ने भी किशोरी के साथ ज्यादती की. इसके बाद उसे बेतियाहाता स्थित एक बिना बोर्ड वाले स्पा सेंटर में भेज दिया गया.
तीन दिन तक बंधक बनाकर रखने का आरोप
पुलिस जांच के अनुसार, किशोरी को स्पा सेंटर में करीब तीन दिन तक बंधक बनाकर रखा गया. इसके बाद उसे बड़हलगंज के एक स्पा सेंटर में भेज दिया गया. आरोप है कि वहां भी उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया गया. पुलिस की जांच में इस पूरे मामले में कई लोगों की भूमिका सामने आई.
आंखों में दवा और कोल्ड ड्रिंक में नशीला पदार्थ देने का आरोप
जांच में पुलिस के सामने यह भी आया कि आरोपित किशोरी की आंखों में दवा डालते थे. इसके अलावा कोल्ड ड्रिंक में नशीला पदार्थ मिलाकर उसे बेसुध करने का आरोप है. पुलिस के मुताबिक, इसके बाद किशोरी को स्पा सेंटर में आने वाले ग्राहकों को अटेंड करने के लिए मजबूर किया जाता था. इससे मिलने वाले रुपये से आरोपित अनुचित आर्थिक लाभ कमाते थे.
पहले गिरफ्तार हो चुके हैं कई आरोपित
इस मामले में पुलिस पहले ही होटल मालिक अभय, मैनेजर आदर्श पांडेय, स्पा मैनेजर अंकित कुमार, विजेता होटल के मालिक विजय यादव और नाबालिग दोस्त समेत अन्य आरोपितों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर चुकी है. अब पुलिस जांच में संगठित आपराधिक सिंडिकेट की पुष्टि होने के बाद आरोपितों पर गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की गई है. एसपी सिटी निमिष पाटील ने बताया कि पुलिस जांच में संगठित आपराधिक सिंडिकेट की पुष्टि हुई है. इसके बाद आरोपितों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की गई. आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम लगातार दबिश दे रही है.
इन आरोपितों पर हुई गैंगस्टर एक्ट की कार्रवाई
पुलिस के अनुसार, सहजनवा थाना क्षेत्र के डोहरिया बाजार निवासी धीरेंद्र कुमार सिंह उर्फ अभय सिंह, हाल पता आदर्शनगर एलमुनियम फैक्ट्री रोड बशारतपुर थाना शाहपुर के खिलाफ कार्रवाई की गई है. इसके अलावा गोला थाना क्षेत्र के गंगवल निवासी आदर्श पाण्डेय, केशवापार चाड़ी निवासी अनुराग राय और कुशीनगर के अहिरौली बाजार थाना क्षेत्र के होलिया निवासी शिवनन्दन उर्फ आदित्य मिश्रा उर्फ आलोक पण्डित के खिलाफ भी गैंगस्टर एक्ट लगाया गया है. रामगढ़ताल थाना क्षेत्र के भरवलिया बजुर्ग तारामंडल निवासी रामभवन यादव और सिद्धार्थ इंकलेव निवासी शैलेन्द्र कुमार भी कार्रवाई की सूची में हैं. गगहा थाना क्षेत्र के गंजपुर निवासी अंकित कुमार, महराजगंज के नदुआ बाजार निवासी समिरुन्निशा उर्फ सिमरन, हाल पता धुसवा टोला फुलवरिया गुलरिहा बाजार थाना गुलरिहा, के खिलाफ भी कार्रवाई हुई है. हरपुर बुदहट थाना क्षेत्र के करनपुरा निवासी शिवभोले पाण्डेय उर्फ बिट्टू और गीडा थाना क्षेत्र के बनौड़ा निवासी विजय कुमार यादव, हाल पता विजेता होटल नौसढ़ थाना गीडा के खिलाफ भी गैंगस्टर एक्ट की कार्रवाई की गई है.
मामले में छह पुलिसकर्मी भी हो चुके हैं निलंबित
नाबालिग से दुष्कर्म के इस मामले में पुलिस की कार्यशैली पर भी सवाल उठे थे. लापरवाही के आरोप में तत्कालीन एसएसपी ने छह पुलिसकर्मियों को निलंबित किया था. जांच में सामने आया था कि घर छोड़ने के बाद पीड़िता उन होटल और स्पा सेंटरों में रुकी थी, जो इन पुलिसकर्मियों के अधिकार क्षेत्र में आते थे. करीब 17 दिनों तक किशोरी के लापता रहने और समय रहते उसका सुराग नहीं लगा पाने के मामले को गंभीरता से लिया गया था. इसके बाद तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक गोरखनाथ शशिभूषण राय और पांच चौकी प्रभारियों को निलंबित किया गया था. अब इसी मामले में पुलिस ने कथित संगठित गिरोह पर गैंगस्टर एक्ट की कार्रवाई कर शिकंजा और कस दिया है. पुलिस आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दे रही है.
