गंगा एक्सप्रेसवे पर बढ़ा खतरा, सुरक्षा दीवार टूटी, 140 मीटर सड़क धंसी, मवेशियों की आवाजाही से बढ़ी चिंता

UP News: गंगा एक्सप्रेसवे पर बारिश के बाद सुरक्षा व्यवस्था सवालों के घेरे में है. सोनीका क्षेत्र में सुरक्षा दीवार टूटने से 140 मीटर सड़क धंस गई है, जिससे तेज रफ्तार वाहनों के लिए खतरा बढ़ गया है.

UP News: गंगा एक्सप्रेसवे पर बारिश के बाद सड़क और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ गई है. सोनीका क्षेत्र में एक्सप्रेसवे की सुरक्षा दीवार टूटने के बाद आसपास की मिट्टी कटकर सड़क के किनारे तक पहुंच गई. करीब चार जगहों पर कुल 140 मीटर हिस्से में सड़क के किनारे जमीन धंस गई है. इससे तेज रफ्तार वाहनों के लिए खतरा बढ़ गया है और निर्माण की गुणवत्ता पर भी सवाल उठ रहे हैं. समाजवादी पार्टी ने भी मुख्यमंत्री से जवाब मांग है.

सुरक्षा दीवार टूटने से मवेशियों की आवाजाही बढ़ी

सुरक्षा दीवार टूटने के बाद एक्सप्रेसवे के किनारे लगाए गए घास के क्षेत्र में मवेशी पहुंच रहे हैं. स्थानीय लोगों के मुताबिक, बारिश के कारण मिट्टी धंसने की समस्या सामने आई और खुले हिस्से से मवेशियों के आने-जाने का रास्ता बन गया है. इससे एक्सप्रेसवे पर अचानक पशुओं के पहुंचने की आशंका बनी हुई है. सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त नहीं होने पर किसी बड़े हादसे से इनकार नहीं किया जा सकता.

तीन दिनों की बारिश ने खोली व्यवस्था की पोल

पिछले तीन दिनों में हुई बारिश के दौरान कई स्थानों पर मिट्टी धंसने की स्थिति बनी. बारिश रुकने के बाद भी सड़क किनारे की मिट्टी में कटाव जारी रहा. बताया जा रहा है कि एक्सप्रेसवे के आसपास जल निकासी और मिट्टी को रोकने की व्यवस्था पर्याप्त नहीं होने के कारण समस्या बढ़ी. बुधवार को बारिश नहीं होने के बावजूद पूरे दिन पैचवर्क का काम चलता रहा, ताकि क्षतिग्रस्त हिस्सों को जल्द ठीक किया जा सके.

रोज उभर रहीं खामियां, सड़क पर चल रहा पैचवर्क

एक्सप्रेसवे पर लगातार सामने आ रही खामियों ने निर्माण और रखरखाव की व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं. रिपोर्ट के मुताबिक, सड़क पर प्रतिदिन करीब एक हजार मीटर तक पैचवर्क किया जा रहा है. इसके बावजूद अलग-अलग स्थानों पर सड़क और किनारे की मिट्टी धंसने की शिकायतें सामने आ रही हैं. कई जगह सड़क की सतह खराब होने के साथ ही किनारे का हिस्सा भी कमजोर दिखाई दे रहा है.

26वें दिन भी सड़क की मरम्मत जारी

एक्सप्रेसवे पर सड़क की मरम्मत और पैचवर्क का काम शुरू हुए 26 दिन हो चुके हैं. इसके बावजूद कई हिस्सों में समस्या पूरी तरह खत्म नहीं हुई है. करीब 4200 करोड़ रुपये की लागत से तैयार इस एक्सप्रेसवे पर बार-बार सामने आ रही तकनीकी खामियां अब चर्चा का विषय बन गई हैं. स्थानीय लोगों की मांग है कि केवल पैचवर्क करने के बजाय सड़क धंसने के मूल कारण की जांच कर स्थायी समाधान किया जाए.

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By नटवर कुमार

नटवर कुमार पत्रकारिता के क्षेत्र में दो वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले पत्रकार हैं.वे ग्राउंड रिपोर्टिंग और जनहित से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से कवर करते हैं. राजनीतिक घटनाक्रम, स्थानीय समस्याओं, प्रशासनिक गतिविधियों, अपराध, सामाजिक मुद्दों और आम लोगों से जुड़े विषयों पर उनकी विशेष रुचि है. उनका प्रयास खबरों को तथ्यात्मक, स्पष्ट और पाठकों के लिए उपयोगी तरीके से प्रस्तुत करना रहता है.नटवर कुमार ने इतिहास में मास्टर ऑफ आर्ट्स (M.A. History) और मास्टर इन जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (MJMC) की पढ़ाई पटना से की है. इतिहास और पत्रकारिता में उनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि उन्हें घटनाओं को व्यापक संदर्भ में समझने और प्रभावी तरीके से प्रस्तुत करने में मदद करती है.इस दौरान उन्होंने दूरदर्शन पटना में भी समय दिया है. नटवर कुमार मूल रूप से बिहार के दिनकर की भूमि बेगूसराय जिले के रहने वाले हैं.

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