यूपी में मंडराया बाढ़ का खतरा, तेजी बढ़ रहा गंगा का जलस्तर, वाराणसी में घाटों के बाद मंदिरों तक पहुंचा पानी

UP News: उत्तराखंड और पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश का असर अब वाराणसी में भी दिखाई दे रहा है. गंगा का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है, जिससे कई घाटों की सीढ़ियां डूब गई हैं और मंदिरों तक पानी पहुंच गया है. इससे बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है.

UP News: उत्तराखंड और अन्य पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश का असर अब वाराणसी में भी दिखाई देने लगा है. गंगा का जलस्तर पिछले तीन दिनों में करीब 6 से 7 फीट तक बढ़ गया है. इसके चलते कई घाटों की सीढ़ियां पानी में समा चुकी हैं और गंगा किनारे बने छोटे मंदिरों तक भी पानी पहुंच गया है. केंद्रीय जल आयोग के अनुसार, जलस्तर लगातार बढ़ रहा है. यदि यही स्थिति बनी रही तो आने वाले दिनों में बाढ़ का खतरा और बढ़ सकता है.

तेजी से बढ़ रहा गंगा का जलस्तर

धर्म नगरी काशी में गंगा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है. केंद्रीय जल आयोग (CWC) के अनुसार, नदी का जलस्तर लगभग 3 सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहा है. बुधवार सुबह 6 बजे वाराणसी स्टेशन पर गंगा का जलस्तर 60.40 मीटरदर्ज किया गया. लगातार बढ़ते पानी के कारण घाटों पर गतिविधियां भी प्रभावित होने लगी हैं.

घाटों की सीढ़ियां पानी में समाईं, मंदिरों तक पहुंचा पानी

जलस्तर बढ़ने के साथ वाराणसी के कई घाटों की सीढ़ियां डूब चुकी हैं. कुछ घाटों पर आठ तो कुछ जगह 12 सीढ़ियां तक पानी में समा गई हैं. गंगा किनारे बने कई छोटे मंदिरों तक भी पानी पहुंच गया है. इसके अलावा नदी में जलकुंभी की मात्रा बढ़ने से भी लोगों की चिंता बढ़ी है. यदि पानी इसी गति से बढ़ता रहा तो घाटों के बीच संपर्क मार्ग भी प्रभावित हो सकता है.

विकों ने जताई बाढ़ की आशंका

दशाश्वमेध घाट पर नाव चलाने वाले शंभू निषाद का कहना है कि जिस रफ्तार से गंगा का जलस्तर बढ़ रहा है, उसे देखते हुए अगले एक सप्ताह में बाढ़ की स्थिति बन सकती है. हालांकि, जिला प्रशासन का कहना है कि फिलहाल हालात नियंत्रण में हैं और तटीय क्षेत्रों में तत्काल किसी बड़े खतरे की स्थिति नहीं है.

क्या कहते हैं बाढ़ के आंकड़े

वाराणसी में गंगा नदी का चेतावनी स्तर 70.26 मीटर और खतरे का निशान 71.26 मीटर निर्धारित है. वहीं, वर्ष 1978 में यहां 73.90 मीटर का सर्वाधिक जलस्तर दर्ज किया गया था. पिछले वर्ष भी गंगा खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गई थी, जिससे शहर के कई इलाके जलमग्न हो गए थे. उस दौरान अस्सी, सामनेघाट, नगवां, मदरवां, रमना और टिकरी समेत करीब एक दर्जन इलाकों में बाढ़ का असर देखने को मिला था और 20 हजार से अधिक लोग प्रभावित हुए थे.

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By Khushboo Kumari

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