गंगा से निकली ‘चार आंखों’ वाली रहस्यमयी मछली, मछुआरे रह गए हैरान

उत्तर प्रदेश के भदोही में गंगा किनारे मछुआरों के जाल में एक अजीब मछली फंस गई. पहले तो लोगों ने उसे आम मछली समझा, लेकिन जैसे ही उसे जमीन पर रखा गया, उसकी बनावट देखकर सब चौंक गए.

मछली का शरीर काफी सख्त और कवच जैसा था. उसका रंग गहरा भूरा था और पूरे शरीर पर जाल जैसा डिजाइन बना हुआ था. उसका मुंह चपटा था और नीचे की तरफ चिपकने वाला लग रहा था. सबसे ज्यादा चर्चा उसकी आंखों को लेकर हुई, जो देखने में दो की जगह चार नजर आ रही थी. इसी वजह से थोड़ी ही देर में वह “चार आंखों वाली मछली” के नाम से पूरे इलाके में चर्चा में आ गई.

मछुआरे हैरान रह गए

कोईरौना थाना क्षेत्र के डीघ गंगा किनारे मछुआरे रोज की तरह नाव लेकर मछली पकड़ने निकले थे. शिवकुमार निषाद, भीमा निषाद, गोली निषाद, बच्चन निषाद, कमलाशंकर निषाद और शारदा निषाद को अंदाजा भी नहीं था कि आज कुछ अलग मिलने वाला है. जब इन्होंने जाल खींचा तो काफी भारी लगा, तो सभी ने मिलकर उसे बाहर निकाला. जैसे ही किनारे लाए, मछली का अजीब रूप देखकर खुद मछुआरे भी हैरान रह गए.

यह कोई रहस्यमयी मछली नहीं : मत्स्य विभाग

मामला मत्स्य विभाग पहुंचा. इसके बाद पूरी बात साफ हो गई. अधिकारियों ने बताया कि यह कोई रहस्यमयी मछली नहीं है. यह विदेशी प्रजाति की सकरमाउथ कैटफिश है, जिसे आम तौर पर ‘प्लेको’ कहा जाता है. इसकी बनावट ऐसी होती है कि सिर और आंखों के पास की बनावट की वजह से ऐसा लगता है जैसे इसमें ज्यादा आंखें हों.

इंसानों के लिए यह खतरनाक नहीं है यह मछली

विशेषज्ञों के मुताबिक यह मछली असल में दक्षिण अमेरिका की नदियों में पाई जाती है. लोग इसे एक्वेरियम में रखते हैं. इसका मुंह सक्शन (खींचकर चिपकना) जैसा होता है, जिससे यह पत्थरों से चिपककर काई खाती है. इंसानों के लिए यह खतरनाक नहीं है

लोग करने लगे तरह-तरह की चर्चा

देखते ही देखते घाट पर गांव वालों की भीड़ लग गई. कोई इसे दुर्लभ मछली बता रहा था, तो कोई इसे किसी अनहोनी का संकेत मानने लगा. इन बातों से अफवाह फैल गई और खासकर बच्चों और महिलाओं में डर का माहौल बन गया.

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By Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार प्रभात खबर डिजिटल में Sr. Content writer हैं. पिछले 15 साल से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं.

अमिताभ 1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है.

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