Expressway in UP : साल 2017 से पहले उत्तर प्रदेश में सड़कों, एयरपोर्ट और कनेक्टिविटी की काफी कमी थी, लेकिन पिछले 9 साल में यहां तेजी से बदलाव हुआ है. अब एक्सप्रेसवे, नए एयरपोर्ट, जलमार्ग और बेहतर कनेक्टिविटी ने पूरे प्रदेश की तस्वीर बदल दी है. इससे कारोबार बढ़ा है. निवेश आ रहा है. लोगों को रोजगार के नए मौके मिल रहे हैं. यूपी अब धीरे-धीरे देश का बड़ा लॉजिस्टिक्स और इंडस्ट्रियल हब बनता जा रहा है. आने वाले समय में यही मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को और आगे ले जाने में अहम भूमिका निभाएगा.
योगी सरकार के भविष्य का विजन (फ्यूचर का प्लान)
1. आने वाले वर्षों में उत्तर प्रदेश को देश का सबसे बड़ा लॉजिस्टिक्स और औद्योगिक हब बनाने का लक्ष्य रखा गया है. जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट के शुरू होने के बाद प्रदेश देश का पहला राज्य बन जाएगा, जहां 5 अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे होंगे. इससे वैश्विक कनेक्टिविटी (दुनिया से जुड़ने) और निवेश को नई दिशा मिलेगी.
2. सड़क, रेलवे और इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के बेहतर होने से सामान पहुंचाने का खर्च कम होगा और व्यापार बढ़ेगा.
3. अच्छी नीतियों, निवेश-फ्रेंडली माहौल और नए इंफ्रास्ट्रक्चर से उत्तर प्रदेश सिर्फ निवेश का हब नहीं बनेगा, बल्कि रोजगार बढ़ेगा. आर्थिक विकास भी तेज होगा.
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2017 से पहले की स्थिति
2017 से पहले उत्तर प्रदेश में सड़क, रेल और एयर कनेक्शन कमजोर थे. सिर्फ 2 एक्सप्रेसवे थे, इंडस्ट्री के लिए जमीन और कॉरिडोर का काम धीरे चलता था. सामान पहुंचाने में ज्यादा खर्च और समय लगता था. इससे उद्योग पीछे रह जाते थे. एयरलाइन और जलमार्ग भी कम थे और निवेश ज्यादा नहीं आ रहा था.
9 वर्षों में बदली यूपी की तस्वीर
पिछले 9 साल में उत्तर प्रदेश ने इंफ्रास्ट्रक्चर में जबरदस्त तरक्की की है. 2017 में सिर्फ 2 एक्सप्रेसवे थे, अब ये बढ़कर 22 हो गए हैं. इनमें से 7 चालू, 5 बन रहे हैं और 10 प्लान में हैं. पूरे देश के एक्सप्रेसवे का करीब आधा हिस्सा अब यूपी से गुजरता है.
