UP News: दिल्ली छात्र आंदोलन के दौरान कथित पुलिस ज्यादती के मामले में सेवानिवृत्त आईपीएस अधिकारी और आजाद अधिकार सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमिताभ ठाकुर ने एफआईआर दर्ज करने की मांग की है. उन्होंने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS), 2023 की धारा 173 के तहत थाना संसद मार्ग, नई दिल्ली में शिकायत देकर पूरे मामले की आपराधिक जांच की मांग की है. अमिताभ ठाकुर की शिकायत में 19 से 22 जुलाई 2026 के बीच हुए दिल्ली छात्र आंदोलन के दौरान पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए गए हैं. उन्होंने सार्वजनिक रूप से उपलब्ध वीडियो और मीडिया रिपोर्टों का हवाला देते हुए कथित बल प्रयोग की जांच की मांग की है.
महिला प्रदर्शनकारियों और छात्रों से कथित दुर्व्यवहार का आरोप
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि आंदोलन के दौरान एक अतिरिक्त डीसीपी द्वारा महिला प्रदर्शनकारी को कथित रूप से थप्पड़ मारा गया. इसके अलावा गीतांजलि वांगचुक के साथ कथित मारपीट, निहत्थे प्रदर्शनकारियों की पिटाई, लाठीचार्ज, आंसू गैस के इस्तेमाल और छात्रों एवं महिला प्रदर्शनकारियों के साथ कथित दुर्व्यवहार जैसे मामलों की जांच की मांग की गई है. शिकायत में बड़े पैमाने पर एहतियाती गिरफ्तारियों का भी उल्लेख करते हुए इसकी समीक्षा की मांग की गई है.
सभी पक्षों की जांच की मांग
अमिताभ ठाकुर ने कहा है कि दिल्ली पुलिस की ओर से भी कुछ प्रदर्शनकारियों पर हिंसा के आरोप लगाए गए हैं. ऐसे में पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच जरूरी है, ताकि सच्चाई सामने आ सके और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई हो सके.
इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य सुरक्षित रखने की मांग
शिकायत में तत्काल एफआईआर दर्ज करने के साथ-साथ घटना से जुड़े सभी इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को सुरक्षित रखने की मांग की गई है. इसमें वीडियो फुटेज, मीडिया रिकॉर्ड और अन्य डिजिटल सामग्री को जांच का हिस्सा बनाने की अपील की गई है.
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