UP Politics: भारतीय जनता पार्टी ने अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) के पूर्व कुलपति प्रोफेसर तारिक मंसूर पर एक बार फिर भरोसा जताते हुए उन्हें केंद्रीय संगठन में राष्ट्रीय उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी है. शीर्ष नेतृत्व का यह कदम आगामी राजनीतिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए उठाया गया महत्वपूर्ण फैसला माना जा रहा है. प्रो. मंसूर को दोबारा यह पद देकर पार्टी ने अल्पसंख्यक समाज के बीच एक सकारात्मक संदेश देने का प्रयास किया है, जिससे प्रदेश के राजनीतिक गलियारों में काफी हलचल देखने को मिल रही है.
चिकित्सा क्षेत्र से कुलपति पद तक का रहा शानदार सफर
प्रोफेसर तारिक मंसूर ने अपने पेशेवर करियर की शुरुआत जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के शल्य चिकित्सा विभाग में एक कुशल डॉक्टर के रूप में की थी. अपनी कार्यकुशलता और समर्पण के बल पर उन्होंने ढेरों सफल ऑपरेशन किए और बाद में विभाग के अध्यक्ष तथा मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य पद को सुशोभित किया. इसके बाद उन्होंने एएमयू कोर्ट के चुनाव में भारी मतों से विजय प्राप्त कर कुलपति का पद संभाला. वर्ष 2017 से 2023 तक विश्वविद्यालय के प्रशासनिक प्रमुख रहते हुए उन्होंने कई अहम रणनीतिक निर्णय लिए.
एएमयू के शताब्दी समारोह से शुरू हुई राजनीतिक यात्रा
अपने वीसी कार्यकाल के दौरान उन्होंने एएमयू के शताब्दी वर्ष समारोह में देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मुख्य अतिथि के तौर पर आमंत्रित किया. इस ऐतिहासिक कार्यक्रम की सफलता ने उनकी मुख्यधारा की राजनीति में प्रवेश की पटकथा लिखी. कुलपति पद से सेवानिवृत्त होने के उपरांत भाजपा ने उन्हें उत्तर प्रदेश विधान परिषद का सदस्य (एमएलसी) मनोनीत किया. इसके तुरंत बाद उनकी काबिलियत को देखते हुए उन्हें पहली बार पार्टी के केंद्रीय संगठन में राष्ट्रीय उपाध्यक्ष का महत्वपूर्ण पद सौंपा गया था.
पसमांदा मुस्लिम समुदाय को साधने की बड़ी रणनीति
प्रोफेसर मंसूर मुस्लिम कुरैशी बिरादरी से आते हैं, जिसे पसमांदा समाज का अहम हिस्सा माना जाता है. भाजपा के नवनियुक्त राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने उन्हें पुनः राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाकर पसमांदा समाज में विश्वास मजबूत करने का कार्ड खेला है. पार्टी का लक्ष्य इस फैसले के माध्यम से अल्पसंख्यक वर्ग तक 'सबका साथ, सबका विकास' का संदेश पहुंचाना है. पुनः नियुक्ति पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रो. मंसूर ने कहा कि देश बिना भेदभाव के वर्ष 2047 तक विकसित भारत बनने की दिशा में तेजी से अग्रसर है.
