UP News: मुजफ्फरनगर जनपद के भभीसा गांव में लगभग एक दशक पहले अंजाम दिए गए चर्चित पवन कुमार हत्याकांड में न्यायपालिका ने एक अत्यंत सख्त फैसला सुनाया है. अपर सत्र न्यायाधीश एवं त्वरित न्यायालय संख्या-3 के पीठासीन अधिकारी रवि कुमार दिवाकर ने मामले की सुनवाई करते हुए दोषी ठहराए गए चारों अभियुक्तों को फांसी की सजा का आदेश दिया. यह मामला 14 जुलाई 2014 का है, जब अपराधियों ने दुस्साहस दिखाते हुए एक मकान में प्रवेश कर अंधाधुंध गोलीबारी की थी.
अंधाधुंध गोलीबारी और खूनी वारदात का घटनाक्रम
वादी अशोक कुमार की शिकायत के मुताबिक, 14 जुलाई 2014 की सुबह तकरीबन पौने ग्यारह बजे हमलावर एक सफेद गाड़ी में सवार होकर पहुंचे थे. बुढ़ाना-कांधला मार्ग की ओर से आए इन हमलावरों ने अचानक घर के भीतर घुसकर ताबड़तोड़ गोलियां बरसानी शुरू कर दीं. इस हमले के दौरान अशोक घायल हो गए, जबकि उनके भाई पवन कुमार की घटनास्थल पर ही मौत हो गई. घटना के उपरांत पुलिस जांच के बाद आठ आरोपितों के विरुद्ध न्यायालय में आरोपपत्र प्रस्तुत किया गया था.
दोषियों के नाम और अन्य आरोपितों की स्थिति
अदालत ने शामली के पीरखेड़ा निवासी रामवीर, बड़ौत निवासी राजीव उर्फ छोटू, भभीसा के राहुल उर्फ बोसी तथा कांजरहेड़ी निवासी हरेंद्र कुमार को दोषी सिद्ध होने पर मृत्युदंड की सजा दी है. इस केस में नामजद एक अन्य आरोपी विपुल उर्फ खूनी बाद में बागपत में पुलिस मुठभेड़ के दौरान मारा गया था. वहीं फरार चल रहे एक अन्य अभियुक्त अमित की पत्रावली न्यायालय ने 1 मार्च 2024 को अलग कर दी थी, जबकि बाकी आरोपियों पर विवेचना जारी रही.
