UP News: पुलिस के मुताबिक, अमन सागर ने अपनी पत्नी रचना के साथ मिलकर किशोरी की हत्या की और शव को स्कूटी से दिल्ली से बागपत लाकर फेंक दिया. पहचान छिपाने के लिए चेहरे पर तेजाब डाला गया और पेट्रोल डालकर शव जला दिया गया. मामले में पुलिस ने आरोपी पति-पत्नी को गिरफ्तार कर लिया है.
13 अगस्त को कब्रिस्तान की दीवार के पास मिली थी लाश
दरअसल, 13 अगस्त 2026 को बागपत के NH-709B दिल्ली-सहारनपुर हाईवे से सटे काठा गांव के पास कब्रिस्तान की दीवार के नजदीक एक किशोरी का अधजला शव मिला था. शव की हालत इतनी खराब थी कि उसकी पहचान करना पुलिस के लिए भी बड़ी चुनौती बन गया. चेहरे को तेजाब और पेट्रोल से जला दिया गया था. मौके से ऐसा कोई सीधा सुराग नहीं मिला, जिससे पुलिस तुरंत हत्यारों तक पहुंच सके. मामला पूरी तरह ब्लाइंड मर्डर बन चुका था.
एसपी ने SWAT टीम को जांच में लगाया
मामले की गंभीरता को देखते हुए बागपत एसपी सूरज राय ने SWAT टीम को जांच में लगाया. इसके बाद पुलिस ने इलाके से गुजरने वाले प्रमुख एक्सप्रेसवे और हाईवे पर लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू की. ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे, दिल्ली-देहरादून कॉरिडोर एक्सप्रेसवे और NH-709B के आसपास की फुटेज जांची गई. पुलिस ने 2000 से ज्यादा वाहनों को चेक किया और करीब 600 CCTV कैमरों की पड़ताल की.
बिना नंबर की सफेद स्कूटी ने बदल दी जांच की दिशा
जांच के दौरान पुलिस को CCTV में बिना नंबर की एक सफेद स्कूटी दिखाई दी. स्कूटी पर एक पुरुष, एक महिला और करीब दो साल की बच्ची नजर आ रही थी. पुलिस ने इस स्कूटी को जांच की अहम कड़ी बनाया और फुटेज व सर्विलांस के जरिए इसके पीछे तक पहुंचने की कोशिश शुरू कर दी.
दिल्ली के किराए के मकान तक पहुंची पुलिस
CCTV और सर्विलांस की जांच के बाद पुलिस को पता चला कि संदिग्ध शख्स दिल्ली के शास्त्री पार्क, जीरो पुश्ता और उस्मानपुरी इलाके में किराए के मकान में रहता था. पुलिस वहां पहुंची तो मकान मालिक ने बताया कि मकान अमन सागर ने किराए पर लिया था. वह अपनी पत्नी रचना, दो साल की बेटी और 14 साल की किशोरी परी के साथ रह रहा था. खास बात यह थी कि 13 अगस्त को ही अमन मकान खाली करके वहां से चला गया था.
मथुरा से जुड़ा मिला किशोरी का कनेक्शन
मकान मालिक से मिले दस्तावेजों की जांच में पता चला कि अमन सागर मूल रूप से मथुरा का रहने वाला है. इसके बाद SWAT टीम और कोतवाली पुलिस मथुरा पहुंची. पुलिस के मुताबिक, वहां पता चला कि 17 अप्रैल 2026 को मथुरा के हाईवे थाने में 14 वर्षीय परी के अपहरण का मुकदमा अमन सागर के खिलाफ दर्ज हुआ था. इस जानकारी के बाद पुलिस ने दिल्ली में अमन के साथ रह रही परी और बागपत में मिली अधजली लाश के बीच कड़ियां जोड़नी शुरू कर दीं.
हाथरस से पकड़े गए अमन और रचना
जांच आगे बढ़ी तो पुलिस ने अमन सागर और उसकी पत्नी रचना को हाथरस से गिरफ्तार कर लिया. पुलिस का दावा है कि पूछताछ और जांच के बाद बागपत में मिली अधजली लाश की पहचान 14 वर्षीय परी के रूप में हुई. दोनों को गिरफ्तार कर मामले की आगे की कार्रवाई शुरू की गई.
मथुरा में कपड़ों की दुकान से हुई थी परी से पहचान
पुलिस के मुताबिक, अमन और उसकी पत्नी रचना मथुरा में परी के घर के सामने कपड़ों की दुकान चलाते थे. इसी दौरान अमन की परी से पहचान हुई. पुलिस के अनुसार, परी अमन के दो साल के बच्चे की देखभाल में मदद करती थी. अमन ने पत्नी से बच्चे की देखभाल के लिए परी को दिल्ली साथ ले जाने की बात कही थी.
नजदीकियां बढ़ने के बाद घर में शुरू हुआ विवाद
पुलिस का दावा है कि बाद में अमन और परी के बीच नजदीकियां बढ़ गईं और संबंध बन गए. इस बात को लेकर अमन और उसकी पत्नी रचना के बीच विवाद होने लगा. पुलिस के मुताबिक, परी और रचना के बीच भी विवाद की स्थिति बनने लगी. इसी विवाद के चलते अमन और रचना ने परी को रास्ते से हटाने की साजिश रची.
गला दबाकर हत्या, फिर बोरे में रखा शव
पुलिस के मुताबिक, अमन और रचना ने परी की गला दबाकर हत्या की. इसके बाद शव को बोरे में रखा गया. दोनों शव को स्कूटी पर रखकर दिल्ली के शास्त्री पार्क से निकले और दिल्ली-देहरादून कॉरिडोर एक्सप्रेसवे के रास्ते बागपत पहुंचे.
पहचान मिटाने के लिए चेहरे पर डाला तेजाब
पुलिस का कहना है कि आरोपी शव को NH-709B के काठा गांव के पास कब्रिस्तान की दीवार के नजदीक लेकर पहुंचे. वहां शव को फेंकने के बाद चेहरे पर तेजाब डाला गया और पेट्रोल छिड़ककर आग लगा दी गई, ताकि किशोरी की पहचान न हो सके. वारदात के बाद आरोपी पति-पत्नी वहां से निकलकर हाथरस चले गए और किराए के मकान में रहने लगे.
क्राइम शो देखकर पुलिस से बचने का आइडिया आया
इस हत्याकांड में पुलिस ने एक और चौंकाने वाला दावा किया है. एसपी सूरज राय के मुताबिक, अमन ने ‘क्राइम पेट्रोल’, ‘सावधान इंडिया’ और ‘CID’ जैसे क्राइम शो के कुछ एपिसोड देखे थे. पुलिस का कहना है कि इन्हीं कार्यक्रमों से आरोपी ने वारदात के बाद पुलिस से बचने और पहचान मिटाने के तरीके के बारे में सोचा. उसे लगा था कि शव की पहचान नहीं हो पाएगी और पुलिस उस तक नहीं पहुंच सकेगी.
लेकिन एक गलती ने पूरा प्लान फेल कर दिया
आरोपी ने पहचान छिपाने के लिए कई कोशिशें कीं, लेकिन बिना नंबर की सफेद स्कूटी उसके लिए सबसे बड़ी मुसीबत बन गई. CCTV फुटेज में यही स्कूटी पुलिस को लगातार अहम सुराग देती गई. इसके बाद सर्विलांस और दूसरी जांचों के जरिए पुलिस आरोपी तक पहुंचती चली गई.
600 CCTV और 2000 वाहनों से खुली पूरी कहानी
इस ब्लाइंड मर्डर की गुत्थी सुलझाने के लिए पुलिस ने करीब 600 CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली और 2000 से ज्यादा वाहनों की जांच की. इसी दौरान मिले सुरागों को जोड़ते हुए पुलिस मथुरा और दिल्ली तक पहुंची और आखिरकार आरोपी पति-पत्नी को गिरफ्तार कर लिया.
SWAT टीम को मिलेगा 50 हजार का इनाम
बागपत एसपी सूरज राय के मुताबिक, 13 अगस्त को मिली किशोरी की अधजली लाश की जांच में पता चला कि वह मथुरा की रहने वाली थी. पुलिस ने पति-पत्नी को गिरफ्तार कर मामले का खुलासा किया. इस ब्लाइंड मर्डर को सुलझाने वाली SWAT और पुलिस टीम के काम की मेरठ जोन के एडीजी ने सराहना की है और टीम को 50 हजार रुपये का इनाम देने की घोषणा की गई है.
