18 लाख नए आयुष्मान कार्ड बने, इस राज्य की सरकार चला रही है स्पेशल कैंपेन

Ayushman Card : क्या आप उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं और आपका आयुष्मान कार्ड नहीं बना है. तो ये खबर आपके लिए खास है. जी हां…योगी सरकार विशेष अभियान चलाकर आयुष्मान कार्ड बना रही है. जानें क्या जानकारी आई सामने.

Ayushman Card : यूपी सरकार ने आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत उन लोगों का भी ध्यान रखा है, जिनका पहले कार्ड नहीं बन पाया था. ये लोग इस योजना के हकदार थे. ऐसे लोगों के लिए सरकार ने खास अभियान चलाया था. यह अभियान पिछले साल 25 नवंबर से शुरू होकर 25 दिसंबर 2025 तक चला. इसमें 5 लाख 52 हजार से ज्यादा आयुष्मान कार्ड बनाए गए. इस अभियान को अच्छी सफलता मिलने के बाद सरकार ने 15 जनवरी से फिर से विशेष अभियान शुरू किया, जो अभी भी जारी है. इस बार अभियान के दौरान अब तक 17 लाख 94 हजार से ज्यादा कार्ड बनाए जा चुके हैं.

कार्ड बनाने के मामले में बरेली पूरे राज्य में सबसे आगे

अभियान के दौरान खास तौर पर आशा कार्यकर्ताओं, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और आंगनबाड़ी सहायिकाओं के साथ-साथ उनके परिवार के लोगों के भी आयुष्मान कार्ड बनाए जा रहे हैं. इस अभियान में कार्ड बनाने के मामले में बरेली पूरे प्रदेश में सबसे आगे रहा है. वहीं दूसरे नंबर पर जौनपुर और तीसरे स्थान पर आगरा है. यानी इस अभियान के जरिए बड़ी संख्या में पात्र लोगों को योजना का फायदा दिलाने की कोशिश की जा रही है.

करीब 25 लाख 70 हजार बुजुर्गों के कार्ड बनाए गए

स्टेट एजेंसी फॉर कॉम्प्रिहेन्सिव हेल्थ एंड इंटीग्रेटेड सर्विसेज (SACHIS) की सीईओ अर्चना वर्मा ने बताया कि आयुष्मान भारत योजना के तहत यूपी देश में सबसे अधिक आयुष्मान कार्ड बनाने वाला राज्य बन चुका है. योजना के तहत प्रदेश में अब तक लगभग 5.64 करोड़ आयुष्मान कार्ड बनाए जा चुके हैं. इससे करोड़ों परिवारों को सालाना पांच लाख रुपये तक के कैशलेस इलाज की सुविधा मिल रही है.

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उन्होंने बताया कि इसके अलावा वरिष्ठ नागरिकों को स्वास्थ्य सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से संचालित वय वंदना योजना के तहत 70 वर्ष या उससे अधिक आयु के करीब 25 लाख 70 हजार बुजुर्गों के आयुष्मान कार्ड बनाए जा चुके हैं.

आंगनबाड़ी सहायिकाओं और उनके परिवार के बनाए गए कार्ड

SACHIS की एसीईओ डॉ. पूजा यादव ने बताया कि यूपी में करीब 4.28 लाख आशा कार्यकर्ता और उनके परिवार के सदस्य इस योजना के दायरे में आते हैं. इनमें से 12 मार्च तक लगभग 3.24 लाख लोगों के आयुष्मान कार्ड जारी किए जा चुके हैं, जबकि करीब 1.03 लाख लोगों के कार्ड बनना अभी बाकी है. उन्होंने बताया कि इस अभियान के दौरान कुशीनगर में सबसे ज्यादा 6,620 कार्ड बनाए गए. इसी तरह प्रदेश में लगभग 2.17 लाख आंगनबाड़ी फीमेल वर्कर और उनके परिवारों को योजना में शामिल किया गया है. इनमें से करीब 1.53 लाख लोगों के आयुष्मान कार्ड बन चुके हैं, जबकि लगभग 64 हजार लाभार्थियों के कार्ड अभी बनना बाकी हैं.

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By Amitabh Kumar

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अमिताभ 1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है.

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