UP Politics: भारतीय जनता पार्टी में सामान्य कार्यकर्ता को संगठन में आगे बढ़ने का अवसर देने की बात कही जाती है, लेकिन रायबरेली में संगठनात्मक जिम्मेदारियों को लेकर कार्यकर्ताओं के बीच असंतोष की चर्चा तेज हो गई है. जिला संगठन में पदों और जिम्मेदारियों को लेकर सोशल मीडिया पर चल रही बहस में कुछ कार्यकर्ताओं ने पुराने चेहरों को बार-बार जिम्मेदारी दिए जाने पर सवाल उठाए हैं. कार्यकर्ताओं का कहना है कि बूथ से लेकर मंडल स्तर तक लंबे समय से पार्टी के लिए सक्रिय रहने वाले कई कार्यकर्ताओं को जिला संगठन में अपेक्षित प्रतिनिधित्व नहीं मिल पा रहा है. उनका आरोप है कि संगठन के महत्वपूर्ण पदों पर वर्षों से कुछ चुनिंदा चेहरों का ही प्रभाव बना हुआ है. हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है और भाजपा की ओर से इस मामले में फिलहाल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आयी है.
सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस
रायबरेली भाजपा में संगठन को लेकर सोशल मीडिया पर कार्यकर्ताओं के बीच बहस देखने को मिल रही है. कुछ कार्यकर्ताओं ने सवाल उठाया है कि पार्टी में आगे बढ़ने के लिए क्या केवल मेहनत और सक्रियता पर्याप्त है या किसी विशेष गुट से जुड़ाव भी जरूरी हो गया है. कार्यकर्ताओं का कहना है कि पार्टी को संगठन मजबूत करने के लिए जमीनी स्तर पर सक्रिय कार्यकर्ताओं को भी नेतृत्व की जिम्मेदारी देनी चाहिए. उनका मानना है कि नए चेहरों को अवसर मिलने से संगठन में नई ऊर्जा आएगी और कार्यकर्ताओं का मनोबल भी बढ़ेगा.
'क्या कार्यकर्ता सिर्फ दरी बिछाने के लिए हैं?'
सोशल मीडिया पर कुछ कार्यकर्ताओं की नाराजगी इस सवाल के रूप में सामने आयी कि क्या बूथ और मंडल स्तर पर मेहनत करने वाले कार्यकर्ता केवल कार्यक्रमों में भीड़ जुटाने और व्यवस्था संभालने तक सीमित रह जाएंगे. कार्यकर्ताओं का कहना है कि जो लोग वर्षों से पार्टी के कार्यक्रमों, अभियानों और चुनावी गतिविधियों में सक्रिय रहे हैं, उन्हें जिला स्तर पर भी जिम्मेदारी मिलनी चाहिए. संगठन में पारदर्शिता के साथ सक्रियता, क्षमता, जनसंपर्क और जमीनी पकड़ को प्राथमिकता देने की मांग उठ रही है.
नए चेहरों को मौका देने की मांग
कार्यकर्ताओं के एक वर्ग का मानना है कि यदि लगातार पुराने चेहरों को ही संगठनात्मक जिम्मेदारियां मिलती रहीं तो नए और मेहनती कार्यकर्ताओं का मनोबल प्रभावित हो सकता है. ऐसे में संगठन में नए चेहरों को अवसर देने की मांग तेज हो रही है. रायबरेली राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण जिला है. ऐसे में संगठनात्मक संतुलन और कार्यकर्ताओं की भागीदारी का मुद्दा भाजपा के लिए अहम माना जा रहा है. आने वाले समय में पार्टी नेतृत्व इस असंतोष को किस तरह दूर करता है, इस पर नजर रहेगी.
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