Akhilesh Yadav Statement: सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर की मस्जिद पर प्रशासन की ध्वस्तीकरण कार्रवाई के बाद सियासी बयानबाजी तेज हो गई है. सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव, बसपा प्रमुख मायावती, एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी, कैराना से सपा सांसद इकरा हसन और सहारनपुर से कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने कार्रवाई को लेकर सरकार और प्रशासन पर सवाल उठाए हैं. अखिलेश यादव ने कार्रवाई पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि जो लोग दूसरे धर्मों का सम्मान नहीं करते और दूसरों की आस्था के साथ खिलवाड़ करते हैं, वे सच्चे सनातनी नहीं हो सकते.
'सच्चे सनातनी सौहार्द पसंद होते हैं'
अखिलेश यादव ने कहा कि सनातन की भावना ‘वसुधैव कुटुंबकम’ की है. उनके मुताबिक सच्चे सनातनी सौहार्द और भाईचारे में विश्वास रखते हैं. उन्होंने कहा कि समाज में सौहार्द बनाए रखना सरकार की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है. अखिलेश ने प्रशासन की कार्रवाई के तरीके पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि किसी भी विवाद में सभी कानूनी रास्तों का इस्तेमाल किया जाना चाहिए.
'सरकार के इशारे पर हुई कार्रवाई'
सपा अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि सहारनपुर में मस्जिद पर कार्रवाई सरकार के इशारे पर की गई, ताकि संबंधित पक्ष को अगली अदालत में न्याय पाने का अवसर न मिल सके. उन्होंने सवाल उठाया कि जब हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में अपील का रास्ता मौजूद था, तो इतनी जल्दबाजी में कार्रवाई क्यों की गई. अखिलेश ने कहा कि न्याय पाने के लिए कानूनी प्रक्रिया का पालन होना चाहिए और किसी पक्ष को अदालत जाने से रोकना उचित नहीं है.
अयोध्या मामले का भी किया जिक्र
अखिलेश यादव ने अपने बयान में अयोध्या में राम मंदिर के चढ़ावे की चोरी के मामले का भी जिक्र किया. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार से जुड़े लोगों पर कार्रवाई होने के बाद मामले को सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश की जा रही है. उन्होंने कहा कि धार्मिक मामलों को राजनीति का मुद्दा बनाने के बजाय सरकार को कानून-व्यवस्था और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने पर ध्यान देना चाहिए. वहीं, मस्जिद ध्वस्तीकरण के बाद मायावती, असदुद्दीन ओवैसी, इकरा हसन और इमरान मसूद ने भी प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं.
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