"घी के नाम पर ज़हर! नकली घी बन रहा चर्बी से, क्या आप भी बन चुके हैं शिकार?"

Agra News: एत्मादपुर के मोहल्ला शेखान में पुलिस छापेमारी में 275 किलो गोमांस और 1230 किलो चर्बी बरामद हुई. जांच में गोकशी की पुष्टि हुई है. नकली घी बनाने में चर्बी के इस्तेमाल की आशंका है. अब केस में गोकशी की धारा जोड़ी जाएगी, फिर से गिरफ्तारी संभव है.

Agra News: 17 मार्च को आगरा के एत्मादपुर थाना क्षेत्र के मोहल्ला शेखान में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए बबलू और फरमान के घर छापेमारी की थी. इस दौरान घरों से भारी मात्रा में संदिग्ध मांस और चर्बी बरामद हुई थी। मौके से पुलिस ने 275 किलो मांस और 82 टिन में करीब 1230 किलो चर्बी जब्त की थी. प्रारंभिक जांच के बाद सैंपल को फॉरेंसिक लैब भेजा गया था, जिसकी रिपोर्ट में पुष्टि हुई है कि बरामद मांस गोमांस है. यह मामला अब गंभीर रूप ले चुका है.

गोकशी की धारा में होगी बढ़ोतरी, फिर से गिरफ्तारी संभव

जांच रिपोर्ट आने के बाद एसीपी पीयूष कांत राय ने जानकारी दी कि बरामद मांस गोमांस निकला है, जिससे यह साफ हो गया है कि इलाके में अवैध गोकशी की जा रही थी. पहले इस केस में सिर्फ अवैध कटान की धाराएं लगाई गई थीं, लेकिन अब इसमें गोकशी से संबंधित सख्त धाराएं भी जोड़ी जाएंगी. पहले दर्ज धाराओं में सजा सात साल से कम थी, जिससे कुछ आरोपियों को जमानत मिल गई थी. लेकिन अब नई धाराएं जुड़ने के बाद उनकी फिर से गिरफ्तारी हो सकती है.

छापे में मिले थे 275 किलो मांस, 1230 किलो चर्बी और अवैध कटान के औज़ार

पुलिस ने जिन तीन घरों में छापा मारा, वहां से कुल 275 किलो मांस, 82 टिन में 1230 किलो चर्बी, 11 कट्टे मांस, चाकू, तराजू-बांट, एक स्कूटी और पशुओं की खाल बरामद की गई. यह सभी सामान अवैध पशु कटान और उसके अवशेषों को प्रोसेस करने में उपयोग होता है. इतना बड़ा स्टॉक यह दर्शाता है कि यह महज घरेलू उपभोग नहीं था, बल्कि इसके पीछे संगठित अवैध व्यापार का संदेह भी गहराता जा रहा है.

चर्बी से बन रहा था नकली घी? पुलिस को है शक

बरामद चर्बी के संबंध में कुछ लोगों का कहना था कि इसका इस्तेमाल साबुन बनाने के लिए किया जा रहा था. लेकिन पुलिस और एफएसडीए (खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन) अधिकारियों को इस पर भरोसा नहीं है. जांच अधिकारियों को शक है कि इतनी बड़ी मात्रा में चर्बी का इस्तेमाल नकली घी बनाने के लिए किया जा रहा था, जिससे लोगों की सेहत को गंभीर खतरा हो सकता है. इस बिंदु पर भी अलग से जांच की जा रही है.

जमानत मिलने के बाद अब फिर गिरफ़्तारी की तलवार लटक रही

मामले में उस्मान, वाहिद, विल्किस और समीर को पुलिस ने पहले ही गिरफ्तार कर लिया था, लेकिन उनके खिलाफ लगी धाराओं में सज़ा सात साल से कम होने के कारण उन्हें न्यायालय से जमानत मिल गई थी. अब जबकि मांस गोमांस निकला है और गोकशी की धारा बढ़ाई जा रही है, तो इन आरोपियों की फिर से गिरफ्तारी की संभावना प्रबल हो गई है. पुलिस द्वारा इस दिशा में कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है.

कुल 15 आरोपी नामजद, कई अब भी फरार

मुकदमे में कुल 15 लोगों को नामजद किया गया है, जिनमें साजिद, फरमान, साजिया, टिल्लू उर्फ आरिफ, राशिद, अबरार, नदीम, सलीम, गोविंदा, बबलू, कदीम और समीम शामिल हैं. इनमें से कई अभी फरार चल रहे हैं. पुलिस की टीमें लगातार दबिश देकर उन्हें पकड़ने का प्रयास कर रही हैं. जल्द ही इन सभी आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए वारंट भी जारी किए जा सकते हैं.

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Author: Abhishek Singh

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